जंगल के सुकून की तुलना करना मुश्किल है और जंगल बिनसर का हो तो यह काम और मुश्किल हो जाता है क्योंकि आप उत्तराखंड के सबसे सुन्दर जंगलों में से एक में घूम रहे होते हो और उस जंगल के झरोखे से आपको प्रकृति की अदभुत रचना हिमालय के दीदार होते हैं.
(Binsar in Winter Season Photos)

हिमालय और उसके साथ बिनसर का यह शानदार बाँज और बुरांश का जंगल आपको सुकून से भर देगा. ऐसा सुकून शायद ही दुनिया के किसी और कोने में आप तलाश कर पाएँ.

बिनसर के जंगल वाक में आपके साथ-साथ इन दिनों हिमालय की विशाल चोटियाँ भी चलती हैं जो आपके बिनसर वाक को एक यादगार अनुभव बनाती हैं. सुबह और शाम का समय इन्हें निहारने के लिये सबसे अच्छा रहता है. घाटियों में भरा कोहरा और नीचे पहाड़ इन्हें और सुन्दर बनाते हैं.
(Binsar in Winter Season Photos)

आजकल शरद ऋतु में बिनसर के रंग देखने लायक़ हो रहे हैं जो वाइल्ड फ़र्न मानसून में एकदम हरे थे अब रंग-बिरंगे हो गए हैं. सारा जंगल शरद ऋतु की सुंदरता से भर गया है.

बिनसर की हर ऋतु देखने लायक़ है शायद इसलिए भी क्योंकि वहाँ अभी भी प्रकृति बची है. सभी फोटो हाल में अल्मोड़ा के बिनसर ट्रिप के दौरान लिए हैं. फोटो एवं विवरण काफल ट्री के अनन्य साथी जयमित्र सिंह बिष्ट, हिमालयन जेफर, की फेसबुक से लिया गया है.
(Binsar in Winter Season Photos)

फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट

जयमित्र सिंह बिष्ट

अल्मोड़ा के जयमित्र बेहतरीन फोटोग्राफर होने के साथ साथ तमाम तरह की एडवेंचर गतिविधियों में मुब्तिला रहते हैं. उनका प्रतिष्ठान अल्मोड़ा किताबघर शहर के बुद्धिजीवियों का प्रिय अड्डा है. काफल ट्री के अन्तरंग सहयोगी.

इसे भी पढ़ें: कौसानी में माल्टा की बहार : फोटो निबंध

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

सोशियल इकोनॉमी ऑफ हिमालय : हिमालय की सामाजिक अर्थव्यवस्था का आरंभिक अकादमिक अध्ययन

पिछली कड़ी : उत्तराखंड राज्य की अवधारणा किसी एक नेता या आंदोलन से नहीं बनी…

3 days ago

कर्ज पर युधिष्ठिर का जवाब : लोककथा

बड़ी पुरानी बात है. पांडु राजा के पाँच पुत्र थे, पांडव और धृतराष्ट्र के सौ…

2 weeks ago

दिव्य आम का स्वाद जीभ पर नहीं पेट के सबसे चोर हिस्से पर कब्ज़ा जमाता है

हमारे इलाक़े में लंगड़ा आम अमूमन इन्हीं दिनों यानी जून के तीसरे-चौथे हफ़्ते में सलीके…

2 weeks ago

उत्तराखंड राज्य की अवधारणा किसी एक नेता या आंदोलन से नहीं बनी

पिछली कड़ी : एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता हिमालय को जानने समझने व…

1 month ago

एक ‘युवा’ एथलीट जिनकी उम्र 92 वर्ष है!

आम तौर पर एक उम्र के बाद व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से अशक्त, बेबस…

1 month ago

रिंगाल: पहाड़ की बुनावट में छिपा रोजगार और जीवन

पहाड़ों में जीवन हमेशा प्रकृति के साथ जुड़कर चला है. यहाँ जंगल सिर्फ पेड़ों का…

1 month ago