कला साहित्य

पहाड़ का वह बूढ़ा पिता

पहाड़ के एक छोटे-से गाँव में एक पिता रहता था. उम्र अब ढलने लगी थी, लेकिन उसकी आँखों में आज…

2 days ago

गौरा को किसी से शिकायत नहीं थी

गाँव में सब उसे जानते थे. कोई उस के पास सब्जी लेने आता तो वह रास्ते भर की खबर भी…

2 weeks ago

देवदार या देव दारु

देवदार या देव दारुः देवों के वृक्ष मुख्य रूप से हिमालय मे लगभग डेढ़ हज़ार मीटर या अधिक ऊँचे स्थानों…

2 weeks ago

कसारदेवी : जहां स्वर्ग के सबसे करीब होने का अहसास होता है

“कसारदेवी या अल्मोड़ा जैसी छोटी सी जगह में ऐसा क्या है जो दुनियाभर से लोगों को  आकर्षित करता है?” यह…

2 weeks ago

आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”

पूरी तरह आंचलिक परिवेश में तैयार, "टुकड़ा टुकड़ा जिंदगी" वरिष्ठ इतिहासकार डॉ निर्मल जोशी की नव प्रकाशित कृति है. यह सृजन पाठकों…

2 months ago

सिंधुजा की कविता : स्मृति यात्रा

दुनिया बड़ी तेजी से बदल रही है. (Smriti Yatra Poem by Sindhuja) शायद हर पीढ़ी, नई पीढ़ी से यही कहती…

2 months ago

मेरी यादों का पहाड़ : एक बहुआयामी किताब

2013 सन् में नेशनल बुक ट्रस्ट ने देवेन्द्र मेवाड़ी की किताब 'मेरी यादों का पहाड़' छापकर सराहनीय कार्य किया है. 140 रुपये…

4 months ago

बचपन की यादों को जीवंत करती किताब

‘आ, यहां आ. अपनी ईजा (मां) से आखिरी बार मिल ले. मुझसे बचन ले गई, देबी जब तक पढ़ना चाहेगा, पढ़ाते रहना.’ उन्होंने किनारे…

5 months ago

बीमारी का बहम और इकदँडेश्वर महाराज का ज्ञान

संसार मिथ्या और जीवन भ्रम है, मनुष्य का मानना है वह जीवों में श्रेष्ठ व बुद्धिमान है. लेकिन खुद असंख्य मायावी…

6 months ago

फूल, तितली और बचपन

बचपन की दुनिया इस असल दुनिया से कई गुना खूबसूरत होती है. शायद इसलिए क्योंकि बचपन की दुनिया ख्यालों और…

8 months ago