नैनीताल की लोअर माल रोड का एक बड़ा हिस्सा झील में जा गिरा. तेज़ बारिश और झील के पानी से हो रहे कटान के चलते यह सिलसिला रुक नहीं रहा. PWD का कहना है कि इस सड़क में यातायात खुलने में 1-2 महीने लगेंगे. साथ ही यह कि ये पूरी पहाड़ी अस्थिर है और इसे सम्हालने के लिए एक मेजर अभियान चलाना होगा. IIT रुड़की के वैज्ञानिकों की सलाह पर इसके लिए 41 करोड़ का एस्टीमेट बनाया गया है.
काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें
कुमाऊँ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल भगवान कृष्ण के जन्म का धार्मिक पर्व नहीं रही है,…
पिछली कड़ी : पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल इन्द्र…
पूरी तरह आंचलिक परिवेश में तैयार, "टुकड़ा टुकड़ा जिंदगी" वरिष्ठ इतिहासकार डॉ निर्मल जोशी की नव प्रकाशित…
ये सितंबर 1994 की सुबह थी जब खटीमा में पूर्व सैनिकों का जुलूस निकल रहा था. पूर्व…
उत्तराखण्ड को सामान्यतः हिमालय, नदियों, झरनों और जलधाराओं की भूमि के रूप में जाना जाता है. किंतु…
पिछले 3 सालों से अल्मोड़ा के कुछ जागरूक युवा अल्मोड़ा मानसून मैराथन का आयोजन कर रहे हैं,जिसमें…