यात्रा पर्यटन

अभिनेत्री रूप दुर्गापाल के साथ देवभूमि दर्शन

अभिनेत्री रूप दुर्गापाल अल्मोड़ा की रहने वाली हैं. उनका पहाड़ प्रेम भी जगजाहिर है. मायानगरी के अपने व्यस्त समय से वे उत्तराखण्ड के पहाड़ों में रमने का वक़्त निकाल ही लेती हैं. इस दौरान अल्मोड़ा और आसपास के पहाड़ों की यात्रा के दौरान लिए गए उनके फोटो सोशल मीडिया में पोस्ट करते ही उनके फैन इस बारे में ज्यादा जानने को उत्सुक रहते हैं. अपनी पिछली उत्तराखण्ड यात्राओं के बाद रूप ने अल्मोड़ा, नैनीताल जिलों के कुछ फोटो पोस्ट किये तो प्रशंसकों ने इस बारे में और जानना चाहा. इस जिज्ञासा को शांत करने के लिए रूप ने अल्मोड़ा के आसपास के मंदिरों की यात्रा का एक वीडियो ही बना डाला. इस वीडियो में सभी मंदिरों का परिचय और झलक है. (Devbhoomi Through My Eyes Vlog by Roop Durgapal)

रूप दुर्गापाल ने काफल ट्री को बताया कि ‘यह वीडियो सितम्बर के पहले हफ्ते में बनाया, मेरी बम्बई से अल्मोड़ा तक की रोड ट्रिप में इस बार का प्लान यही था कि अपने फैन्स को देवभूमि के कुछ मन्दिरों के दर्शन करवाये जाएँ. मेरी पिछली यात्राओं में जागेश्वर और चितई मंदिर की तस्वीरें देख कर लोग इस बारे में और ज्यादा जानना चाहते थे. मेरे पास कई रिक्वेस्ट्स और मैसेज आये कि अपनी पहाड़ यात्रा के वीडियो बनाकर यूट्यूब पर पोस्ट करूँ. लिहाजा मैंने इस बार ये शुभ काम कर दिया.’

रूप दुर्गापाल के उत्तराखण्ड से गहरे सरोकार पहले भी दिखाई देते रहे हैं. पिछले साल कुमाऊँ के पारंपरिक परिधान और आभूषणों में उनका फोटोशूट भी काफी चर्चित रहा था. रूप कि इन कोशिशों से उनके प्रशंसकों के बीच उत्तराखण्ड को और ज्यादा जानने की जिज्ञासा बढ़ जाती है. कुमाऊनी परिधान में भारतीय टेलीविजन की स्टार एक्ट्रेस

रूप को कलर्स चैनल के लोकप्रिय धारावाहिक बालिका वधू में उनके कालजयी किरदार सांची के लिए जाना जाता है, लेकिन अपने छोटे से करियर में रूप देश के सभी प्रमुख चैनलों के बीसियों धारावाहिकों में मुख्य भूमिका निभा चुकी हैं. इसके अलावा रूप दुर्गापाल कई प्रख्यात ब्रांड्स के लिए मॉडलिंग भी करती रही हैं. रूप अभिनेत्री होने के साथ ही बेहतरीन गायिका भी हैं. बालिका वधू की सांची का कुमाऊनी गीत अपने पहाड़ के लिए

रूप दुर्गापाल: अल्मोड़ा की बेटी का भारतीय टेलीविजन स्टार बनने का सफर

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Sudhir Kumar

Recent Posts

पहाड़ो में भूस्खलन

उत्तराखण्ड का अधिकांश भूभाग हिमालय की पर्वतीय श्रृंखलाओं में स्थित है, जहाँ तीव्र ढाल, गहरी नदी घाटियाँ, युवा…

2 days ago

जर्मन की लड़ाई और रुद्रनाथ की चढाई

पनार बुग्याल के ऊपरी छोर वाले रास्ते पर अब हम चल रहे हैं. पनार चोटी…

2 days ago

हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी

पिछली कड़ी : कुमाऊं का सबसे बड़ा सामाजिक समूह “खस” रहा : आर. डी. सनवाल सन 1928 में अल्मोड़ा…

3 days ago

हैप्पी बर्थडे कॉर्बेट साहब

जिम कॉर्बेट उन चुनिंदा विदेशी मूल के भारतीयों में से एक हैं जिन्होंने भारत में…

5 days ago

28 साल के युवा से जब टिहरी रियासत डर गई

रात का वक्त था. जुलाई की बारिश पहाड़ों को भिगो रही थी, और भिलंगना नदी हमेशा…

5 days ago

दुनिया में शांतिपूर्ण आंदोलनों का संक्षिप्त इतिहास

मानव इतिहास में सत्ता के विरुद्ध विरोध उतना ही पुराना है जितना संगठित शासन. प्रारंभिक…

6 days ago