Featured

पिंडारी घाटी का जन-जीवन : फोटो निबंध

बागेश्वर की पिंडारी घाटी में स्थित है पिंडारी ग्लेशियर. 4200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पिंडारी ग्लेशियर लगभग पांच किमी लम्बा और ढाई किमी चौड़ा ग्लेशियर है. इसी ग्लेशियर से पिंडर नाम की नदी भी निकलती है. पिंडरी ग्लेशियर हमेशा से साहसिक पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र रहा है.

पिंडारी ग्लेशियर तक पहुचने के लिये अंतिम गांव है खाती गांव. हाल ही में पिंडारी ग्लेशियर की यात्रा पर गये डोई पांडे ने पिंडारी ग्लेशियर और उसके आस-पास के गावों की तस्वीरें भेजी हैं. डोई द्वारा ली गयी इन तस्वीरों में दिखता है कि हमारे पहाड़ों में अभी भी जीवन कितना कठिन है. डोई पांडे की तस्वीरों में देखिये पिंडारी ग्लेशियर के साथ पहाड़ी जीवन की सरलता :

खाती गांव का अस्पताल

खाती गांव का घर. ( हंस फाउंडेशन द्वारा पेंटिंग की गयी)

खाती गांव का पोस्ट ऑफिस.

खर्किया गांव से खाती गांव की ओर

पिंडर के साथ खाती गांव

पिंडर और कफनी नदी का संगम.

पिंडर नदी

मोनालों का समूह

जीरो पॉइंट की ओर

पिंडारी घाटी का अंतिम गांव खाती गांव

वाट्सएप में काफल ट्री की पोस्ट पाने के लिये यहाँ क्लिक करें. वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री के फेसबुक पेज को लाइक करें : Kafal Tree Online

अल्मोड़ा ताड़ीखेत के रहने वाले मुकेश पांडे अपने घुमक्कड़ी धर्म के चलते डोई पांडे नाम से जाने जाते हैं. बचपन से लखनऊ में रहने के बाद भी मुकेश पांडे के दिल में पहाड़ खूब बसता है. अपने घुमक्कड़ी धर्म के लिये ही पिछले पांच साल से प्रमोशन को ठुकरा कर लखनऊ के एक बैंक में घुमक्कड़ी के वास्ते ही नौकरी भी कर रहे हैं. पूरे देश की सड़कों पर अपनी मोटरसाइकिल की छाप छोड़ने की तमन्ना रखने वाले मुकेश पांडे हाल ही में पिंडर घाटी से लौटे हैं. यह उसी यात्रा की तस्वीरें हैंं.

इन्हें भी देखें :

जिद थी और हम पहुंच गए पिंडारी ग्लेशियर

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

Recent Posts

खसों पर हुए वैज्ञानिक अध्ययन

डीएनए, आनुवंशिकी और मानवशास्त्र की दृष्टि से एक वैज्ञानिक समीक्षा भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास में यदि…

23 hours ago

वह माला के गेट पर सुबह-शाम पहरा देते मिलता

माला नाम था उसका. छरहरी काया, बला की ख़ूबसूरत. लेडीज साइकिल से जब कॉलेज आती,…

2 days ago

पहाड़ो में भूस्खलन

उत्तराखण्ड का अधिकांश भूभाग हिमालय की पर्वतीय श्रृंखलाओं में स्थित है, जहाँ तीव्र ढाल, गहरी नदी घाटियाँ, युवा…

5 days ago

जर्मन की लड़ाई और रुद्रनाथ की चढाई

पनार बुग्याल के ऊपरी छोर वाले रास्ते पर अब हम चल रहे हैं. पनार चोटी…

5 days ago

हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी

पिछली कड़ी : कुमाऊं का सबसे बड़ा सामाजिक समूह “खस” रहा : आर. डी. सनवाल सन 1928 में अल्मोड़ा…

5 days ago

हैप्पी बर्थडे कॉर्बेट साहब

जिम कॉर्बेट उन चुनिंदा विदेशी मूल के भारतीयों में से एक हैं जिन्होंने भारत में…

1 week ago