Featured

हल्द्वानी के 2 युवा 350 किलोमीटर की साइकिल यात्रा कर पहुंचे केदारनाथ

हल्द्वानी के 2 युवा 350 किलोमीटर की यात्रा कर साइकिल से पहुंचे बाबा भोलेनाथ के ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम. (Kedarnath Cycle Tour)

हल्द्वानी के निवासी रजत पांडे और विकास दुर्गापाल अच्छे साइकिलिस्ट के तौर पर जाने जाते हैं. ‘एमपी रीसाइक्लिंग’ में पार्टिसिपेट कर चैंपियन बने हल्द्वानी सीएमटी कॉलोनी के निवासी रजत पांडे और विकास दुर्गापाल एक साथ 26 अक्टूबर को हल्द्वानी से रानीखेत गैरसैण होते हुए बाबा भोलेनाथ के 12 ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम साइकिल से पहुंचे.

इन दोनों ने केदारनाथ मंदिर के प्रांगण तक की अपनी यात्रा भी साइकिल से ही पूरी की.

हल्द्वानी के रजत पांडे एमटीवी चैंपियन साइकिल रेस के चैंपियन भी रहे हैं. विकास दुर्गापाल भी इससे पहले भूटान में हुई साइकिल रेस में भाग ले चुके हैं. विकास दुर्गापाल इससे पूर्व भी प्रदेश में होने वाली कई साइकिल रेस में प्रतिभाग कर चुके हैं. शौकिया तौर से साइकिल की शुरुआत करने वाले ये साइकिलिस्ट वर्तमान में एक अच्छे खिलाड़ी के रूप में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं.

विकास दुर्गापाल निम्न प्रतियोगिताओं में भागीदारी कर चुके हैं—

एमटीबी, उत्तराखण्ड 700 किमी  (2017, 2018, 2019)

नेशनल एमटीबी चैम्पियनशिप, पुणे (2016,2017)

 नेशनल रोड साइकिलिंग चैम्पियनशिप, अलीगढ़ (2018)

रजत पाण्डेय भी निम्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुके हैं—

नेशनल एमटीबी चैम्पियनशिप, पुणे (2017)

नेशनल एमटीबी चैम्पियनशिप एमटीबी, पुणे (2018) में चौथी रैंक.

लेबनान में हुई इंटरनेशनल एमटीबी चैम्पियनशिप, लेबनान (2019) में प्रतिभाग. 

हल्द्वानी के बैंककर्मी विनोद प्रसाद  लगभग एक दशक तक दैनिक हिन्दुस्तान में फोटो जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर चुके हैं.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Sudhir Kumar

Recent Posts

पहाड़ो में भूस्खलन

उत्तराखण्ड का अधिकांश भूभाग हिमालय की पर्वतीय श्रृंखलाओं में स्थित है, जहाँ तीव्र ढाल, गहरी नदी घाटियाँ, युवा…

3 days ago

जर्मन की लड़ाई और रुद्रनाथ की चढाई

पनार बुग्याल के ऊपरी छोर वाले रास्ते पर अब हम चल रहे हैं. पनार चोटी…

3 days ago

हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी

पिछली कड़ी : कुमाऊं का सबसे बड़ा सामाजिक समूह “खस” रहा : आर. डी. सनवाल सन 1928 में अल्मोड़ा…

3 days ago

हैप्पी बर्थडे कॉर्बेट साहब

जिम कॉर्बेट उन चुनिंदा विदेशी मूल के भारतीयों में से एक हैं जिन्होंने भारत में…

5 days ago

28 साल के युवा से जब टिहरी रियासत डर गई

रात का वक्त था. जुलाई की बारिश पहाड़ों को भिगो रही थी, और भिलंगना नदी हमेशा…

5 days ago

दुनिया में शांतिपूर्ण आंदोलनों का संक्षिप्त इतिहास

मानव इतिहास में सत्ता के विरुद्ध विरोध उतना ही पुराना है जितना संगठित शासन. प्रारंभिक…

6 days ago