अपनी सारी कमाई बाढ़ पीड़ितों के नाम कर दी इस लड़की ने

(धीरेश सैनी की फेसबुक वॉल से साभार)

केरल से आ रही बाढ़ की खबरों के बीच एक प्रेरणादायक खबर आई है. बीएससी थर्ड ईयर की एक छात्रा हनान हामिद ने 1.5 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा किये हैं.

हनान अपनी पढ़ाई मछली बेचकर करती हैं. इसी पैसे से वो अपनी माँ और भाई का खर्चा भी चलाती हैं. आज उन्होंने मछली बेचने से हुई अपनी सारी कमाई बाढ़ पीड़ितों की मदत के लिए दान कर दी है.

हनान इस काम को लेकर काफी चर्चा में हैं. पर इससे पहले हनान तब चर्चा में आयी थीं जब उन्हें मछली बेचने के लिए ट्रोल किया गया था. लोगों को हनान की यह बात नागवार गुजरी थी कि वह स्कूल ड्रेस में मछली बेचती हैं. लोगों ने उन्हें ट्रोल करते हुए झूठा और कहानियां बनाने वाला कहा , उनकी सार्वजनिक तौर पर निंदा की और उन्हें गालियां दीं थीं.

बाद में केरल सरकार के केंद्रीय मंत्री अल्फोंस कन्नाथनम ने ट्रोल्स का कड़ा विरोध किया और बताया कि हनान का जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा है और वो बहुत मुश्किल से गुजर बसर करती हैं. उनके जीवन संघर्ष से जुड़ी बातें झूठ नहीं बल्कि सच हैं.

उसी समय केरल में ऐसे बहुत से भले लोग सामने आये जिन्होंने हनान की खुलकर मदद की.

त्रिचूर की रहने वाली 21 वर्षीय हनान हामिद ने पैसे डोनेट वक्त कहा कि “मुझे लोगों से जो मिला मैं वही वापस कर रही हूं. क्योंकि जिन लोगों ने मेरी मदद की वो आज बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं. इसलिए उनकी मदद के लिए मैं इतना तो कर ही सकती हूं ”

इधर उत्तर भारत में हालत ये है कि बाढ़ पीड़ितों को लेकर समाज का एक वर्ग जश्न मना रहा है. पीड़ितों के बीच हिन्दू-मुसलमान और दलित-सवर्ण का भेद कर रहा है. मदद करने की बजाय उत्तर-दक्षिण और भाजपा-गैरभाजपा शासित राज्य का बंटवारा करने की राजनीति कर रहा है.

ऐसे समय में हनान जैसी लड़कियां हमारे निर्मम और अमानवीय होते जा रहे समाज में भलाई और मानवता की उम्मीद हैं. ऐसे इंसानों के दम पर ही इस समाज में अभी तक मानवता कायम है.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

हिमालय के गुमनाम नायक की कहानी

इस तस्वीर में आपको दिख रहे हैं "पंडित नैन सिंह रावत" — 19वीं सदी के उन महान…

3 days ago

भारतीय परम्परा और धरती मां

हमारी भारतीय परंपरा में धरती को हमेशा से ही मां कह कर पुकारा गया है. ‘माता…

4 days ago

एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता

तत्कालीन नार्थ वेस्टर्न प्रोविनेंस यानी उत्तर प्रदेश के जिस ब्रिटिश अधिकारी ने उन्नीसवीं शताब्दी के…

1 week ago

बीमारी का बहम और इकदँडेश्वर महाराज का ज्ञान

संसार मिथ्या और जीवन भ्रम है, मनुष्य का मानना है वह जीवों में श्रेष्ठ व बुद्धिमान…

2 weeks ago

शकटाल का प्रतिशोध

पिछली कथा में हमने देखा कि कैसे योगनंद सत्ता तक पहुँचा, शकटाल ने अपने सौ पुत्र…

2 weeks ago

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

1 month ago