समाज

गढ़वाली लोक संस्कृति का अलमबरदार बेडा समुदाय

भारतीय शास्त्रों में भगवान शिव और गन्धर्वों को सृष्टि के आदि संगीत का जनक माना गया है. उत्तराखंड के गढ़वाल अंचल में रहने वाले बादी अथवा बेडा समुदाय की पहचान मूलतः गायन व नृत्य करने वाली एक जाति के रुप में की जाती है. अपनी संगीत परम्परा को गन्धर्वों से जोड़ते हुए ये लोग अपने को शिव का वंशज बताते हैं.

इस कारण कुछ लोग शिव की तरह जटा-जूट भी रखते हैं. इस समुदाय के लोगों में मान्यता है कि भगवान शिव ने उन्हें खेती-बाड़ी के बदले लोक हित में गाने-बजाने और बेड़ावर्त तथा लांग जैसे कृषि अनुष्ठानों को करने की आज्ञा दी है. हिमालय के ये गन्धर्व आदिकाल से यहां की लोक संस्कृति के संवाहक रहे हैं. गाने-बजाने व नृत्य की कला में निपुण होने के साथ ही ये लोग गीत रचने में भी सिद्धहस्त हैं. देवी-देवताओं से जुड़े कथानकों से लेकर स्थानीय समाज की विविध घटनाओं का वर्णन इनके गीतों में मिलता है.

इनका शिव-पार्वती नृत्य व नट-नटी नृत्य अद्भुत होता है. ढोलक की थाप और इनके मिठास भरे गीत मन को छू लेते हैं. इनके नृत्य में मन्थर गति,हाथों की विशेष मुद्रा के साथ ही लास्य और उत्कृष्ट भावाभिनय की उपस्थिति रहती है. ‘राधाखण्डी’ इनके गायन की एक विशेष शैली है जो लांग के अवसर पर गायी जाती है. स्वर्ग डालि बिजुली पयाल डालि फूल, नाचे गौरा कमल जसो फूल शिव ज्यू लै डमरु बजाया गौरजा नाचै, यो मेरो वरदाना मी थैं नी जयां भूल.  आज से साठ-सत्तर साल पहिले बादी/बेड़ा समुदाय के कुछ कौशल सम्पन्न लोग बेड़ावर्त और लांग जैसे लोक अनुष्ठानों में मुख्य भूमिका निभाते थे.

खेती-बाड़ी व गांव की समृद्धि के लिये आयोजित होने वाले इस सामूहिक अनुष्ठान के दौरान बेड़ा को तकरीबन 400 गज लम्बी मजबूत रस्सी में लकड़ी की काठी में बैठकर फिसलना होता था. जब बेड़ा सकुशल इस अनुष्ठान पूरा कर लेता था तो उपस्थित समाज वस्त्र-आभूषण,धन और अनाज देकर उसका सम्मान करता था.उन्नीसवीं सदी के अंग्रेज घुमक्कड़ विलियम मूरक्राफ्ट ने अपने संस्मरण में उस समय टिहरी के नामी बेड़ावर्त विशेषज्ञ ’बंचु’ का उल्लेख किया है.

’बंचु’ के बाद ’सेवाधारी’ नाम का एक और बेड़ावर्त विशेषज्ञ उत्तराखण्ड में प्रसिद्ध हुआ. कभी गायन-वादन और नृत्य से अपनी आजिविका चलाने वाले ये लोग आज अपने को गांव समाज में उपेक्षित सा महसूस कर रहे हैं. पहाड़ से लोगों के पलायन करने और खेती-बाड़ी से विमुख होने से इनकी रोजी-रोटी पर संकट छाने लगा है. पुराने समय में गांव इलाके के आधार पर इनकी ‘बिर्ति’ (जीविका क्षेत्र) बंटी हुई थी जिनमें घूम-घूम कर ये लोग अपनी कला का प्रदर्शन करते थे.

सहित्यकार भगवती प्रसाद नौटियाल के अनुसार तब पुरानी पीढ़ी के लोग उनकी कला की कद्र करते हुए उन्हें धन और अनाज आदि देते थे, परन्तु नयी पीढ़ी ऐसा कुछ नहीं कर रही है. हिमालय की इस गन्धर्व परम्परा को नैथाना के रामचरण बादल, सुमाडी़ के मूली ,तिलवाड़ा की चकोरीदेवी, टेका की कौशल्या देवी व डांगचैरा के मोहनलाल व पौड़ी की सतेश्वरी जैसे तमाम कलाकार आज भी जीवित रखे हुए हैं.

– चन्द्रशेखर तिवारी

(पहाड़ की लोककला संस्कृति और समाज के अध्येता और लेखक चंद्रशेखर तिवारी दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र, 21,परेड ग्राउण्ड ,देहरादून में रिसर्च एसोसियेट के पद पर कार्यरत हैं. ) 

http://hillwani.com से साभार 

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

Casino Middelkerke bezoeken – complete gids met bonussen, betaalmethoden en mobiele app

Visit Casino Middelkerke: praktische begeleiding voor een geslaagde ervaring Waarom een bezoek aan Casino Middelkerke…

7 hours ago

Trusted Grand Casino Chaudfontaine: stappen en methoden

Praktische gids voor het trusted Grand Casino Chaudfontaine Welkom op de ultieme handleiding voor iedereen…

7 hours ago

Magyar Online Casino a legjobb ügyfélszolgálattal és támogatással

Magyar Online Casino a legjobb ügyfélszolgálattal és támogatással ▶️ JÁTSZANI Содержимое Magyar Online Casino a…

1 day ago

Казино Sultan Games в Казахстане – Удобный вход и безопасная игра

Казино Sultan Games в Казахстане - Удобный вход и безопасная игра ▶️ ИГРАТЬ Содержимое Удобство…

1 day ago

Казино онлайн 2026 – самые перспективные площадки для любителей азартных игр

Казино онлайн 2026 - самые перспективные площадки для любителей азартных игр ▶️ ИГРАТЬ Содержимое Лучшие…

1 day ago

NV Casino Online – Boni und Sonderaktionen

NV Casino Online - Boni und Sonderaktionen ▶️ SPIELEN Содержимое Willkommenspaket: 100% bis 500 EuroSonderaktionen:…

1 day ago