अजनबी मामा- उत्तराखंडी लोककथा
एक गांव में पति-पत्नी अपने बच्चे के साथ रहते थे. एक बार दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहा-सुनी हो गयी. कहा-सुनी इस कदर बढ़ गयी की दोनों ने आपस में बात करना ही छोड़ दिया. दिन बिता महीने बीते... Read more
हमारे पहाड़ों में कठपुड़िया नाम काफी प्रचलित है. वैसे तो कठपुड़िया नाम की जगहें भी हैं पर यहां पर बात जंगल में बनाई गई उन जगहों की हो रही है जहां पर लकड़ियां फेंकी जाती थी.(Kathpudiya Uttara... Read more
पहाड़ की पहली पशु चारा नीति
प्राकृतिक वनस्पतियों से समृद्ध हैं उत्तराखंड के पहाड़. भूगर्भ व जलवायु की भिन्नता से अनेक वनस्पति प्रजातियों की सघनता के साथ गुणवत्ता में अनमोल .पहाड़ों में पशुओं के चारे की आपूर्ति इन्हीं इ... Read more
आज सुनील गावस्कर का तिहत्तरवां जन्मदिन है
1971 में वेस्ट इंडीज के दौरे पर गई भारतीय टीम ने पांच टेस्ट मैच खेलने थे. उन दिनों बंबई के एक नौजवान लड़के का बड़ा चर्चा था. 5 फुट 5 इंच लम्बे सुनील गावस्कर नाम के इस खिलाड़ी को बतौर ओपनर ले... Read more
सबसे बड़ी क्रांति
पश्चिम ने हमें आधुनिकता और विकास की एक बढ़कर एक अवधारणाएं दी, जिन्हें हमने अपने जीवन में उतारा और प्रगति की राह पर आगे बढ़े. इन समस्त नवाचारों में जिसने मुझे सर्वाधिक प्रभावित किया, वो है- अ... Read more
छूटा पीछे पहाड़- पथरीली राहों के बीच उड़ान और यादों का बहुरंगी गुलदस्ता मंजिलें जितनी आकर्षक लगती हैं, राहें उतनी आसान हुआ नहीं करती. पग-पग पर रूकावटें, चुनौतियां, इनसे खुद ही जूझना होता है,... Read more
आज दिन है हिंदी कथा साहित्य को एक नई दिशा देने वाले हिंदी कहानी के वास्तविक जनक पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी को याद करने का. लहना सिंह के प्रेम त्याग व बलिदान के अमर गायक पंडित चंद्रधर शर्मा ग... Read more
आज कबूतरी देवी जिंदा होती तो? बीमारी की वजह से अस्पताल के चक्कर काट रही होतीं, उनके परिजन मिन्नतें कर रहे होते. संस्कृति विभाग से मिलने वाली मामूली पेंशन का 6 महीने तक इन्तजार कर रही होतीं.... Read more
सोमेश्वर से धान की रोपाई की जीवंत तस्वीरें
पहाड़ में रोपाई उत्सव, हुड़किया बौल – जुलाई 2022, सोमेश्वर, अल्मोड़ा, उत्तराखंड. बरसात के मौसम के साथ ही शुरू हो गया है उत्तराखंड के पहाड़ों और खेतों में रोपाई का उत्सव, लोकपर्व. हुड़क... Read more
हरेला कब बोते हैं
हरेला प्रकृति से जुड़ा एक लोकपर्व है जो उत्तराखंड के पहाड़ी समाज द्वारा मनाये जाने वाले पर्वों में सबसे महत्वपूर्ण है. उत्तराखंड का पहाड़ी समाज हरेला साल में तीन बार मनाता है. यह इस वर्ष का... Read more


























