मसूरी शहर से महज 5-6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित जॉर्ज एवरेस्ट वर्तमान में पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय गंतव्य बना हुआ है. माउंट एवरेस्ट का नाम हम सबने सुना है. दुनिया की सबसे ऊँची इस पर्वत श... Read more
कुमाऊं क्षेत्र में भाई-बहिन के प्रेम पर बनी रवायतें किसी से नहीं छिपी. लोककथा, लोकगीत, पर्व और परम्पराओं में इस प्रेम की अनेक झांकियां देखने को मिलती है. प्रचलित परम्पराओं के अनुसार बहिन के... Read more
समधी-समधिन की प्रतिकृति बनाने की अनूठी परम्परा
समधी-समधिन मतलब दो अनजान परिवारों को एक सूत्र में पिरोने का रिश्ता. समधिन यानी पुत्र रत्न एवं पुत्री रत्न को परस्पर वर-कन्या के रूप में सर्मपण. याद रखें, समर्पण केवल पुत्री का नहीं होता, पुत... Read more
इन 3 प्राणायामों से रखिए अपने दिमाग को सुपर हेल्दी
आज मैं तीन ऐसे प्राणायाम के बारे में बात करने वाला हूँ जिनका अगर आपने नियमित रूप से अभ्यास किया तो आप अपने दिमाग की सेहत को लाजवाब बना सकते हैं और अगर दिमाग की सेहत को आप लाजवाब बना पाए, तो... Read more
पहाड़ों में लोसर से नव वर्ष
तिब्बती में लो का मतलब है वर्ष या साल और सर से अभिप्राय है नया. बौद्ध पंचांग के अनुसार वर्ष का प्रथम दिवस लोसर कहलाता है.लोसर तिब्बती बौद्ध धर्म का त्यौहार है जो विभिन्न पहाड़ी प्रदेशों में... Read more
सिनेमा का शौक और शब्दभेदी वरदान
उस समय फिल्मों का इतना क्रेज हुआ करता था कि लड़के खुद को रोक नहीं पाते थे. किसी भी छत पर वीसीआर पर एक ही रात में तीन-तीन फिल्में दिखाई जातीं. मार्च में परीक्षाएं निबटने के बाद लड़के बिंदास ह... Read more
कविता : नाक के पहाड़ से
वो औरतेंलम्बा टीका लगाती हैंजो नाक के पहाड़ सेमाथे और माँग के मैदान तक जाता है वो औरतेंचढ़कर, उतरकरऔर फिर से चढ़करएक ऐसे गाँव आती हैंजहाँ सेसड़क साँप बनकरउनके बच्चों कोनिगल जाती है वो औरतेंजो बस... Read more
नन्ही लाल चुन्नी की कहानी
एक बार की बात है, एक छोटी सी बच्ची अपने माता-पिता के साथ एक गांव में रहती थी. वह अपने माता-पिता से ज्यादा अपनी दादी से प्यार करती थी. उसकी दादी गांव के दूसरी ओर रहती थी जो कि जंगल से होकर नि... Read more
घुघुति-बासूती
पिछली कड़ी – सासु बनाए ब्वारी खाए घुघूती-बासूती…क्या खांदी?दुधु-भाती!मैं भी दे…जुठू छकैकू?मेरू!तेरी ब्वै कख?ग्वोठ जायीं.क्या कर्न?दूधु द्धेवणा!ग्वोठ को छ?गाय-बाछी.बाछी कन कदी?म्हाँ कदी!... Read more
हमारे समय के सबसे महत्वपूर्ण किन्तु सबसे शांत कवियों में से एक विनोद कुमार शुक्ल की कविता `मुझे बिहारियों से प्रेम हो गया’ में एक बात आती है- एक भाषा में बचाओ दूसरे प्रदेश की भाषा म... Read more


























