लालटेन की तरह जलना
मंगलेश डबराल की कविता और जीवन पर कृष्ण कल्पित – शिवप्रसाद जोशी महत्त्वपूर्ण रचनाकार पर लिखने का आखिर क्या तरीक़ा हो. वे औजार कौन से होंगे जिनसे एक रचनाकर्मी के व्यक्तित्व और कृतित्व की... Read more
‘मिसाइल मैन’ वाली हेयर स्टाइल
कुछ रोज पहले की बात है. मैं, बाल कटवाने गया था. नापित के यहाँ बाल कटवाने में नंबर लगाना पड़ता है. पुरानी सी दुकान थी. दुकान में एक टूटी हुई व्हीलचेयरनुमा जीर्ण-शीर्ण कुर्सी थी, जिस पर एक नौज... Read more
उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट से ठीक पहले मौजूदा भू-कानून में संशोधन का प्रस्ताव
माना कि राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए निवेश जरूरी है, उद्योगों की स्थापना जरूरी है. लेकिन सवाल यह उठता है कि किस ‘कीमत’ पर और किन ‘शर्तों’ पर ? सरकार निवेशकों को सुरक्षा की गारंटी दे, कारोबा... Read more
साझा कलम: 9 पदमिनी अबरोल
[एक ज़रूरी पहल के तौर पर हम अपने पाठकों से काफल ट्री के लिए उनका गद्य लेखन भी आमंत्रित कर रहे हैं. अपने गाँव, शहर, कस्बे या परिवार की किसी अन्तरंग और आवश्यक स्मृति को विषय बना कर आप चार सौ से... Read more
औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए पहली बार उत्तराखंड में निवेशकों का ‘उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट’ आज से शुरू होगा गया है. उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट’ का उद्घाटन करने के लिए प्र... Read more
बातों व तारीफों से नहीं सुधरेगी स्वास्थ्य सेवा
हम सब सामान्य बात करते हैं. ऊंची बातें करते हैं. आरोप लगाते हैं लेकिन किसी भी मुद्दे की तह तक नहीं जाते. बड़ी विडंबना है. हमने सोच लिया विकास करने के लिए कोई तीसरा व्यक्ति है. वही सब करेगा, ज... Read more
जीवन रचते व्यंग्य चित्र – 1
दुगड्डा, पौड़ी गढ़वाल में रहने वाले जागेश्वर जोशी मूलतः बाडेछीना अल्मोड़ा के हैं. वर्त्तमान में माध्यमिक शिक्षा में अध्यापन कार्य कर रहे हैं. शौकिया व्यंगचित्रकार हैं जनसत्ता, विश्वामान... Read more
प्राकृतिक संसाधनों पर जलविद्युत परियोजनाओं का साया
उत्तराखण्ड राज्य 53,484 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में बसा है. पर्यटन व तीर्थाटन का यह एक अद्भुत केन्द्र भी है. भागीरथी, अलकनंदा, मन्दाकिनी, सरयू, महाकाली जैसी पवित्र नदियों के उद्गम स्थान होने... Read more
पंडित प्रतापनारायण मिश्र के ‘ब्राह्मण’ और डकैत फूलन देवी के ‘ठाकुर’ पिछली बार हमारा किस्सा इस बात के जिक्र पर ख़त्म हुआ था कि साहित्य और भाषा की चाल में कोई यूटर्न नहीं होता. इसका मतलब यह है... Read more
जब स्वराज पार्टी 1923 के चुनाव में वर्तमान उत्तराखण्ड की तीनों प्रांतीय सीटें जीती तो कौंसिल में गोविन्द वल्लभ पन्त को नया सदस्य होने के कारण पीछे की पंक्ति में सीट दी गयी. थोड़े समय बाद जब प... Read more


























