कहो देबी, कथा कहो – 17
शादी की झर-फर अप्रैल आखीर से यज्ञोपवीत और शादी की झर-फर शुरू हो गई. 4 मई को यज्ञोपवीत संस्कार किया गया. ईजा बहुत याद आई उस दिन. मां तो बचपन में ही इस दुनिया से चली गई थी. बाकी, कुछ देर पहले... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 44
पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से लगातार रचनाएं करते थे. वे नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय बिड़ला विद्या मं... Read more
उत्तराखण्ड के चमोली जिले में वाण गाँव एक जाना-पहचाना नाम है. वाण से बेदिनी बुग्याल और रूपकुंड के लिए पैदल रास्ता शुरू होता है. यह वाण से शुरू होने वाला एक लोकप्रिय और जाना-पहचाना ट्रैक है, ल... Read more
सिनेमा: पांच मिनट में सत्रह देशों की दुनिया
एन वुड द्वारा 1984 में स्थापित टीवी कंपनी रैगडौल से सीख मिलती है कि एक अच्छा प्रोग्राम कैसे और कितनी मेहनत से बनाया जाता और फिर यह भी कि प्रोग्राम बनाने में रुपये पैसे के अलावा दिल भी लगाना... Read more
अंधविश्वास के पहाड़
मैं उस रोज नैनीताल के रामगढ़ स्थित महादेवी सृजन पीठ के बाहर साथियों के साथ गप्पें लड़ाने में मशगूल था कि तभी गाँव से पिताजी का फोन आ गया. पिताजी को अमूमन मैं ही फ़ोन करता हूँ. वे तभी फोन करते... Read more
साधो हम बासी उस देस के – 4 -ब्रजभूषण पाण्डेय पिछली कड़ी : यह क्रांतिकारी दिन था मेला बीत चुका था. परेवा झमटहवा पीपर की ओर, किसान गेहूँ बुआई के लिए सिवान की और और हम मस्ती भरी अनियमित जीवन शैल... Read more
हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने : 45
वर्तमान में हल्द्वानी नगर में बड़े अस्पतालों की संख्या गिनती से बाहर हो गई है. एक से एक काबिल डॉक्टर यहां अपने विशाल हाईटेक क्लीनिक खोल कर बैठ गए हैं. लोग कहते हैं कि जिन बीमारियों के इलाज के... Read more
पहाड़ और मेरा बचपन – 10 (पिछली क़िस्त : हां मैंने चलाए साइकल के लचक मारते, पुराने टायर और भरपूर मजा लूटा) (पोस्ट को लेखक सुन्दर चंद ठाकुर की आवाज में सुनने के लिये प्लेयर के लोड होने की प्रत... Read more
कुली बेगार आन्दोलन से पहले कुमाऊं परिषद
अमृतसर कांग्रेस के बाद के महीने अत्यन्त सक्रियता भरे थे. एक प्रकार से कुमाऊं परिषद के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस बीच ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन का असाधारण कार्य किया. जगह जगह परिषद् की शा... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 43
पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से लगातार रचनाएं करते थे. वे नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय बिड़ला विद्या मं... Read more


























