धरती के युद्ध धरती पर ही लड़े जायेंगे
जिस जगह वो रहता था उस जगह के आगे कोई बस्ती नहीं थी. गाँव के छोर से आगे जाने की अघोषित मनाही थी. कई पीढीयों से. उसे पक्का विश्वास था की दुनिया के गोल होने बातें महज बकवास थी.और दुनिया का छोर... Read more
एक बार तो लगता है कि झपटकर कर लें, लेकिन फिर दिमाग चोक लेने लगता है. यहां तक आते-आते दिल की मोटरसाइकिल भी तीस से नीचे का एवरेज देने लगती है. गनीमत बस इतनी है कि रुक-रुककर ही सही, चलती तो है.... Read more
हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 60
करीब सवा सौ साल पूर्व अपने मूल स्थान जिला सीकर राजस्थान के ग्राम कांवट निकट नीम का थाना से रानीखेत पहुंचे रामनिवास जी के तीन पुत्र –सूरजमल, ब्रदीप्रसाद, जगदीश प्रसाद अग्रवाल हुए. इस पर... Read more
डोई का सालाना डोयाट – इस दफा स्पीति
घुमक्कड़ी धर्म को बढ़ाने के क्रम में आखिरकार आज अपने सालाना डोयाट (यात्रा) पर निकल पड़ा. पिछले साल हमख्याल दोस्त उमेश पुजारी के साथ हुई नेपाल भूटान की यात्रा के बाद इस साल यूं अकेले निकलूंगा... Read more
वे दिन, वे लोग और उन दिनों का वह पंतनगर!
कहो देबी, कथा कहो – 21 (पिछली कड़ी: कहो देबी, कथा कहो – 21 – निर्माण के दिन) वे दिन, वे लोग और उन दिनों का वह पंतनगर! किसी शांत कस्बे की तरह था वह, जहां अड़ोस-पड़ोस ही नहीं, पूरे कैम्पस क... Read more
गढ़वाल मंडल के जौनपुर क्षेत्र की सिल्वाड़ पट्टी के बाड़ासारी गाँव में भदरीगाड़ के ऊपर तिरस की सुरम्य घाटी में स्थानीय तिलकादेवी का मंदिर स्थापित है. इसी के ऊपर नागटिब्बा नामक स्थान पर नागदेवता क... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 58
पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से लगातार रचनाएं करते थे. वे नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय बिड़ला विद्या मं... Read more
सिकंदर: बच्चों के लिए एक बेहतरीन फिल्म
हमारे देश में बच्चों का सिनेमा बनाने और उसे प्रचारित–प्रसारित करने के लिए बकायदा एक संस्था है जिसका नाम है ‘चिल्ड्रन फ़िल्म सोसाइटी.’ यह सोसाइटी पिछले कई वर्षों से न सिर्फ बच्चों के लिए सिनेम... Read more
लाला अमरनाथ को आंकड़ों में नहीं बांधा जा सकता
भारत में क्रिकेट अपनी जड़ें जमा रहा था जब 1933 में बॉम्बे जिमखाना में बाइस साल के लाला अमरनाथ ने अपना पहला ही टेस्ट मैच खेलते हुए डगलस जार्डीन की अंग्रेज़ टीम के खिलाफ़ मात्र 180 गेंदों पर 118... Read more
उत्तर भारत के जिन तीन राज्यों में चुनाव हुए, वे साधारण राज्य नहीं हैं. इन राज्यों में बीजेपी पिछले तीन दशकों से सत्ता में आती जाती रही है. ये राज्य आरएसएस के सघन कामकाज के भी इलाके हैं. मध्य... Read more


























