कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 90
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
दो हजार साल पहले पिथौरागढ़ के तीन ओर था एक सरोवर
वह सरोवर बचपन में अपने “मुलुक’ (Pithoragarh) के बारे में पूछता था तो दादी बताती थीं एक ऐसे मैदान के बाबत, जिसमें मीलों तक पत्थर दिखते ही न थे. पहली बार सोर घाटी देखी तो लगा कि दादी ने अतिशयो... Read more
मेरे जाने के बाद कोई नहीं गायेगा मालूशाही
उत्तराखंड के महान मालूशाही-गायक गोपीदास के साथ अपनी पहली मुलाक़ात को याद करते हुए जर्मनी के मानवशास्त्री और भारत के अध्येता कोनराड माइजनर ने लिखा है: गोपीदास से 1966 में हुई पहली मुलाकात को म... Read more
तहजीब के शहर लखनऊ में
कहो देबी, कथा कहो – 30 पिछले कड़ी कहो देबी, कथा कहो – 29, चल उड़ जा रे पंछी तो मैं लखनऊ पहुंचा. मैं अकेला और वह अनजाना शहर, अब तक जिसकी सिर्फ कहानियां सुनी थीं. सुना था कि अपनी तहजीब के बारीक... Read more
सौ साल पुराने कुमाऊँ की तस्वीरें
एक ज़रूरी किताब कुमाऊँ (Kumaon) के बारे में 1905 में छपी ई. शर्मन ओकले (E. Sherman Oakley) की किताब ‘होली हिमालयाज: द रिलीजन, ट्रेडिशन्स, एंड सीनरी ऑफ़ हिमालयन प्रोविन्स’ (Holy Him... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 89
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
कालीचौड़ में देवी का सिद्ध पीठ
कालीचौड़ गौलापार में स्थित काली माता का प्रख्यात मंदिर है. हल्द्वानी से 10 किमी और काठगोदाम से 4 किमी की दूरी पर स्थापित कालीचौड़ मंदिर के लिए काठगोदाम गौलापार मार्ग पर खेड़ा सुल्तानपुरी से एक... Read more
नये समय में नए अर्थ ग्रहण करते पुराने शब्द
टॉक्सिक (जहरीला) को ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी ने इस साल का अंतर्राष्ट्रीय शब्द चुना है. ऐसा नहीं है कि सबसे अधिक लोगों ने ऑक्सफोर्ड की साइट पर इस शब्द का मतलब जानने की कोशिश की और इसे छांट... Read more
दो दशकों बाद नैनीसैनी एयरपोर्ट का सपना हुआ पूरा
17 जनवरी 2019 की तारीख पिथौरागढ़ के इतिहास में हमेशा के लिये दर्ज हो चुकी है. आज की भागती दुनिया में ऐसा कम ही होता है कि तीन पीढ़ियों का एक ही सपना हो. पिथौरागढ़ में नैनीसैनी एयरपोर्ट का सपना... Read more
गुलों में रंग भरे: जन्मदिन पर मेहदी हसन की याद
उस्तादों से लगी लगन तब न कविता की तमीज़ थी न संगीत समझने की. बीस-बाईस की उम्र थी और मीर तकी मीर का दीवान सिरहाने रख कर सोने का जुनून लग चुका था. उनके शेर याद हो जाया करते और सोते-जागते भीतर ग... Read more


























