उत्तराखंड में आंगन का राजा ओखल
ओखली अब हिन्दी की किताबों में ओ से ओखली के अलावा शायद ही कहीं देखने को मिले. उत्तराखंड में ओखली को ओखल, ऊखल या उरख्याली कहा जाता है. आज भी किसी पुराने मकान के आंगन में ओखल दिख जायेगा. आज यह... Read more
हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 67
हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 67 पिछली कड़ी का लिंक: हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने- 66 यह अप्रत्याशित दुर्घटना केवल हल्द्वानी (Haldwani) के ही हिस्से आयी हो ऐसी बात तो नहीं अलब... Read more
छोटा कैलाश: भीमताल ब्लॉक का विख्यात शिव मंदिर
भीमताल में छोटा कैलाश नैनीताल जिले के भीमताल (Bhimtal) ब्लॉक में एक पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित है शिव मंदिर (Shiv Temple) छोटा कैलाश (Chota Kailash.) यहाँ तक पहुँचने के लिए आपको हल्द्वानी से सड़... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 92
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
बागेश्वर के उत्तरायणी मेले की झलकियाँ
ऐतिहासिक महत्त्व का मेला Read the post in English उत्तराखण्ड के (Uttarakhand) बागेश्वर (Bageshwar) में लगने वाला उत्तरायणी (Uttarayani) का मेला ऐतिहासिक महत्व रखता है. पुराने समय में यह मूलत... Read more
ऋषिकेश मुखर्जी निर्देशित गोलमाल (1979) हिंदी सिनेमा की सफलतम फिल्मों में से एक है. शिष्ट हास्य को परदे पर उकेरना बड़ा ही दुष्कर काम होता है. इस फिल्म में निर्मल हास्य का सृजन हुआ है. कथासार... Read more
एक थी पुष्पा दीदी यह विशेषता बुआ जी के परिवार की ही नहीं, उस दौर में लगभग सार मध्यवर्गीय परिवारों की थी कि चूल्हे-चैके की सीमारेखा के बावजूद आपस में लोग सगे-संबंधियों की तरह रहते थे. हर आदमी... Read more
उत्तराखण्ड का लुप्तप्रायः वाद्य बिणाई
लोक संगीत व लोक वाद्य Read the post in English लोक संगीत किसी भी स्थान विशेष के लोक की संगीतमय अभिव्यक्ति है. थोड़ा गौर करने पर हम पाते हैं कि लोकसंगीत की लय-ताल और उसमें प्रयुक्त होने वाले व... Read more
पहली बार उस लड़की से मिलिए तो उसमें आपको एक निहायत भोली और ठेठ पहाड़ी लड़की नज़र आएगी. सादगी से भरी उसकी शुरुआती बातें आपके पहले इम्प्रेशंस से मेल खाएंगी. फिर आप उसकी बनाई फ़िल्में देखिये. उसके ब... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 91
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more


























