कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 100
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
कभी न खुलने वाली इम्पोर्टेड व्हिस्की की बोतल
कल वह अचानक सामने आ गया. बिल्कुल दिल के दौरे की तरह. हमारे बस दुआ-सलाम के रिश्ते हैं. मगर कल वह बड़ी आत्मीयता से मिला. यूं लिपट गया जैसे बहुत ही सगा हो. फिर उसने कहा- ‘‘चलो कमरे में चलते हैं.... Read more
पहाड़ और मेरा जीवन – 18 (पोस्ट को लेखक सुन्दर चंद ठाकुर की आवाज में सुनने के लिये प्लेयर के लोड होने की प्रतीक्षा करें.) बचपन के कुछ वाकये और कुछ लोग इस तरह याद हैं कि लगता है जैसे सब... Read more
नरेन्द्र नेगी को पद्म सम्मान न मिलने का मतलब
उत्तराखंड के तीन व्यक्तित्वों – बछेंद्री पाल, प्रीतम भरतवाण और अनूप साह को इस वर्ष पद्म सम्मान से नवाजे जाने की घोषणा हुई है. इन तीनों ही व्यक्तित्वों को बधाई. सरकारी सम्मान के बिना भी... Read more
आजादी की लड़ाई में पहाड़ के पत्रकार
भारत की आजादी में उत्तराखंड के पत्रकारों (Uttarakhand Journalists) ने भी सक्रिय भूमिका निभाई थी. ऐसे ही कुछ बहादुर पत्रकारों का संक्षिप्त परिचय – अनुसूया प्रसाद बहुगुणा अनुसूया प्रसा... Read more
पंडित नैनसिंह रावत : घुमन्तू चरवाहे से महापंडित तक
मुनस्यारी से शुरू होने वाली जोहार घाटी के कोई दर्ज़नभर गाँवों में रहने वाले अर्द्ध-घुमन्तू, पशुचारक, व्यापारी शौका समुदाय के लोग शताब्दियों से तिब्बत के साथ व्यापार करते रहे थे. इसी जोहार घाट... Read more
बुरांश पर बर्फ: बिनसर से ताज़ा तस्वीरें
इस साल बिनसर (Binsar) में तीन बार हिमपात (Snowfall) हो चुका है. वर्ष की शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि शायद इस बार कम बर्फ गिरेगी लेकिन बीते दो सप्ताह मौसम में ठंड बड़ी है और कुमाऊँ-गढ़वाल की पहा... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 99
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
2016 के दिसम्बर की बात होगी दिल्ली में गैर-पहाड़ी ने यूट्यूब पर एक वीडियो दिखाया. वीडियो में कुछ गोरे लड़के-लड़कियों के बीच में एक भारतीय हुड़का बजा रहा था. यह अमेरिका की कोई एक यूनिवर्सिटी थी.... Read more
एक परिंदा उत्तराखण्ड की जिस लोककथा याद दिलाता है
उत्तराखण्ड के गढ़वाल मंडल की एक लोककथा (A folklore of Garhwal Mandal of Uttarakhand) एक गांव में एक दूसरे से अगाध स्नेह रखने वाले भाई और एक बहन रहा करते थे. भाई-बहन के प्यार की चर्चा पूरे इला... Read more


























