1956 के मेलबर्न ओलम्पिक में भारत चौथे स्थान पर रहा था. सभी को उम्मीद थी कि 1960 के रोम ओलम्पिक में भारत जरुर पदक लायेगा. लेकिन भारत को इस ओलम्पिक में तत्कालीन विश्व की सबसे मजबूत टीमों के पू... Read more
तू फेक मैं लोक(तंत्र)
गणतन्त्र के मौके पर राष्ट्र का नागरिकों के राष्ट्र का नागरिकों के नाम पत्र मिला था .आज उसका प्रीक्वेल भी मिल गया. तू फेक मैं लोक(तंत्र) ओए राष्ट्र… अबे देस… अमां मुल्क़… सुन... Read more
पंद्रहवीं शताब्दी की उत्तराखण्डी प्रेम कहानी
उत्तराखण्ड की भी अपनी कुछ ऐतिहासिक प्रेम कथाएँ हैं. राजुला-मालुसाई इनमें सर्वाधिक लोकप्रिय प्रेमकथा है. लेकिन कुछ अन्य प्रेम कथाएँ और भी हैं जो आंचलिक रूप से उतनी ही लोकप्रिय है. इनमें से एक... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 109
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
महाकाली और सरयू के संगम पर बसा पंचेश्वर पिछले लम्बे समय से खबरों में है. एक विशाल समाज और हजारों वर्ष पुराने धरोहर के बावजूद आज महाकाली और सरयू का संगम पंचेश्वर बांध के कारण ख़बरों का हिस्सा... Read more
कहो देबी, कथा कहो – 34 पिछले कड़ी- कहो देबी, कथा कहो – 33 वह नई शाखाओं के खुलने और ऋण मेलों का दौर था. गांव-गांव और घर-घर तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने की चर्चाएं की जाती थीं. उस माहौल में लखन... Read more
पहाड़ की क्लासिक प्रेमकथा : कोसी का घटवार
शेखर जोशी का जन्म 10 सितंबर 1932 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के ओलिया गांव में जन्म हुआ. अनेक सम्मानों से नवाजे जा चुके हिन्दी के शीर्षस्थ कहानीकारों में गिने जाने वाले शेखर जोशी के अनेक कह... Read more
ग़ज़ल का सुनने का शौक़ हो और आपने जगजीत सिंह का नाम न सुना हो ऐसा मुमकिन नहीं. 8 फरवरी 1941 में जन्मे जगजीत सिंह के मन में यह लक्ष्य स्पष्ट था कि रिवायती अंदाज़ से हट कर कुछ नया नहीं किया गय... Read more
एक छोटे से राज्य के मामूली से गाँवों-कस्बों के कुछ युवा एक छोटे से शहर में पढ़ाई करने के दौरान आपस में मिलते हैं. कुछ अनगढ़ सांस्कृतिक गतिविधियाँ करते हुए खुद को पहचानते हैं, पहचान कर तराशते ह... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 108
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more


























