आज के दिन जन्मा था वह विद्रोही कवि
जिन भारतीय कवियों ने बड़े पैमाने पर बीसवीं शताब्दी के परिदृश्य को प्रभावित किया, नामदेव लक्ष्मण ढसाल उनमें प्रमुख हैं. वे 1949 में आज ही के दिन जन्मे थे. मूलतः मराठी में रचनाएं करने वाले नामद... Read more
पव्वे पर भारी छूट का मौसम फरवरी का महीना आधा बीत चुका है और भारत भर में शराब की दुकानों के बाहर पव्वे पर भारी छूट वाले विज्ञापन लटक चुके हैं. जाहिर है उत्तराखंड जिसकी कुल आय का 18 से 19% हिस... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 114
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
कुछ काम हम करते हैं कुछ करते हैं पहाड़
पहली जुलाई 1944 को उत्तराखंड के टिहरी जिले के धंगण गाँव में जन्मे लीलाधर जगूड़ी वर्तमान समकालीन में हिन्दी के शीर्ष कवियों में शुमार किये जाते हैं. उनकी प्रमुख कृतियों में शंखमुखी शिखरों पर (... Read more
नर्मदा भारत की सबसे पवित्र नदी मानी जाती है. नर्मदा को चिरकुंवारी नदी कहा गया है. नर्मदा प्रेम में स्वाभिमान और विद्रोह का प्रतीक मानी जाती है. नर्मदा का उद्गम स्थान अमरकंटक की पहाड़ियाँ हैं.... Read more
बजट 2019 : अल्पकाल की आस-दीर्घ काल की फांस
बजट का कौतिक निबट गया. किसान-मजूर, आम वेतन भोगी, वरिष्ठ नागरिक, पेंशनरों के लिये ‘ट्रिपल धमाका’ कर गया. आय-कीमत मौद्रिक-राजकोषीय, देशी-विदेशी व्यापार और पूंजी के प्रवाहों पर की गयी ‘सर्जिकल... Read more
आज मधुबाला का जन्मदिन है
आज मधुबाला का जन्मदिन है. दुनिया की सबसे खुबसूरत अदाकारा के 85 साल पूरे होने पर गूगल ने मधुबाला का डूडल बनाया था. गूगल ने Madhubala’s 86th Birthday टाइटल से डूडल बनाया. अपने डूडल (Goog... Read more
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की कहानी उन्हीं की जुबानी
बीसवीं सदी में उर्दू के सबसे बड़े शायरों में थे फ़ैज़ अहमद ‘फ़ैज़’ (Faiz Ahmad Faiz). पूरी ज़िंदगी जनधर्मिता और रूमानियत से भरपूर शायरी करने वाले फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की सबसे मशहूर नज़्म... Read more
रमौल की जागर में जगाया जाता है इन सब का ध्यान
उत्तराखण्ड (Uttarakhand) के पर्वतीय इलाकों में लगाई जाने वाली जागर (Jagar) के अनेक रूप हैं. इन में मुख्यतः लोकदेवताओं को पूजा जाता है और संगीत तथा शब्दों की मदद से माध्यम पर उतर आने वाले देव... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 113
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more


























