टामेबाजी का अल्मोड़ा से और अल्मोड़ा का टामेबाजी से संबंध बहुत गहरा और प्रागैतिहासिक है
कहते हैं कि अंग्रेजों के राज में सूरज कभी अस्त न होता था. तमाम प्रकार की बाँस-बल्लियों के सहारे अपने सूरज को हर तरफ़, हर जगह उगा हुआ दिखाना नजूमी अंग्रेजों की ही बस की बात ठीक और किसी की नही... Read more
आचार्य नरेन्द्र देव जिन्हें अपना संस्कार-पिता मानते थे नैनीताल के प्रताप भैया
आचार्य नरेन्द्र देव की 130 वीं जयन्ती पर विशेष : आचार्य नरेन्द्र देव का बहुमुखी व्यक्तित्व ही ऐसा था कि उन्हें किसी दायरे में रखकर समेटना संभव नहीं. वे एक समाजवादी चिन्तक होने के साथ-साथ, प्... Read more
[पिछली क़िस्त: 24 अप्रैल 1884 को सबसे पहले रेल पहुंची थी काठगोदाम में] काठगोदाम में गौला नदी पर सन 1913-14 में लार्ड हार्डिंग ने 350 फीट लंबा बहुत आकर्षक धनुषाकार पुल बनवाया. जिसमें नीचे से... Read more
पहाड़ों में पाया जाने वाला फल जिसे चंगेज खां अपने सैनिकों को उनकी याददाश्त बढ़ाने के लिये खिलाता था
कुछ समय पहले पहाड़ से कवि-कथाकार मित्र अनिल कार्की ने नन्हे, सुंदर, सिंदूरी फलों से लदे एक अनजाने पौधे का फोटो भेजा. लिखा था, ‘सिरदांग में हमने इसका जूस पीया था. आपका परिचय जरूर होगा इस पेड़... Read more
कहते हैं रिकार्ड बनते ही टूटने के लिए हैं. ऐसे ही रिकार्ड बनेंगे ओर टूटते रहेंगे. (10 Lakh Devotees Reached Kedarnath) इस वर्ष संपन्न हुई बाबा केदारनाथ यात्रा के इतिहास में एक नया अध्याय जुड... Read more
हल्द्वानी के 2 युवा 350 किलोमीटर की यात्रा कर साइकिल से पहुंचे बाबा भोलेनाथ के ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम. (Kedarnath Cycle Tour) हल्द्वानी के निवासी रजत पांडे और विकास दुर्गापाल अच्छे साइकिल... Read more
मां की सिखाई ज़बान भूल जाने वाला बेटा मर जाता है
खुद को अभिव्यक्त करने का सलीका मैंने अपने दौर के वरिष्ठ और चर्चित लेखक शैलेश मटियानी से सीखा. और यह सीखना अपने भावों को व्यक्त करने के लिए सटीक शब्दों के चयन की प्रक्रिया की तरह का नहीं था,... Read more
उत्तराखण्डी गीतों में ‘अस्यारी को रेटा’ का मतलब
उत्तराखण्ड का लोकमानस जिस प्रकार अपनी सभ्यता व संस्कृति की एक अलग पहचान रखता है, उसी तरह यहां के लोकसाहित्य का भी अपना अनूठा स्वरूप है. मेरे पिछले लेख में उल्लेख था कि किस प्रकार एक ही शब्द... Read more
शिकारी जॉय हुकिल द्वारा गढ़वाल में मारे गए दहशतगर्द बाघ की फोटो पर सोशल मीडिया में बखेड़ा
श्रीनगर-पौड़ी मोटर मार्ग पर पिछले एक हफ्ते से दहशत का पर्याय बने गुलदार को शिकारी जॉय हुकिल ने मार गिराया है. ये वही गुलदार था जिसने ठीक जन्मदिन के दिन एक बेटी से उसकी माँ छीन ली थी. इस गुलद... Read more
पहाड़ में जीवन जीने का पर्याय है हाड़-तोड़ मेहनत. हाड़-तोड़ मेहनत पहाड़ के लोगों का आभूषण है जिसे यहां के लोक और परम्पराओं में बड़े सहज रूप से देखा जा सकता है. पहाड़ के रहवासियों के जीवन में यह हा... Read more


























