हाल ही में केंद्र सरकार ने देश में 118 नए सामुदायिक रेडियो केंद्र खोलने को मंज़ूरी प्रदान कर दी है. इसमें 16 नक्सल प्रभावित इलाके समेत तीन पूर्वोत्तर राज्य और दो रेडियो स्टेशन जम्मू कश्मीर क... Read more
सीमांत उत्तराखंड में जाड़ संस्कृति व भाषा
जाड़ गंगा भागीरथी नदी की सबसे बड़ी उपनदी है. ग्यारह हजार फीट की ऊंचाई पर भैरोंघाटी में भागीरथी और जाड़ गंगा का संगम होता है. भैरोंघाटी में पच्चीस किलोमीटर भीतर माणा गाड़ माणा दर्रे के पश्चिम... Read more
हमें त्वरित न्यायप्रणाली नहीं आरोपियों को मौके पर ही खत्म करने वाले हीरो चाहिए
हम फिल्मों की तरह सोचते हैं 1970 के दशक में भारतीय सिनेमा के पर्दे पर अमिताभ बच्चन का उदय होता है. आज़ादी मिलने के कई सालों बाद भी जब देश में बेरोजगारी, गरीबी के मुद्दे नहीं सुलझे तो नकाम सा... Read more
हल्द्वानी का पहला फोटो स्टूडियो
कुमाऊं अंचल में कई प्रख्यात कलाकारों, रंगकर्मियों, साहित्यकारों ने जन्म लिया. उनमें से कुछ को जाना गया, कुछ उपेक्षित रहे और कुछ गुमनामी का जीवन जीकर चले गए. प्रख्यात नृतक हरीश चन्द्र भगत भी... Read more
जिससे है सबको आशा, दिखा दे लोकतंत्र का तमाशा!
जमूड़े! हाँ उस्ताद! लोगों को हँसाएगा? हँसाएगा! तालियां बजवाएगा? बजवाएगा! जमूड़े! जिससे है सबको आशा, दिखा दे लोकतंत्र का तमाशा! उस्ताद! तेरा हुकुम वजा लाता हूँ, मैं भीड़तंत्र दिखलाता हूँ! जमू... Read more
साहित्य अकादेमी सम्मान से पुरुस्कृत विख्यात हिन्दी कवि वीरेन डंगवाल की स्मृति में बरेली में एक स्मारक का लोकार्पण आज किया गया. हिन्दी के जाने-माने उपन्यासकार-कहानीकार लक्ष्मण सिह बिष्ट ‘बटरो... Read more
लालकुंआ की बिटिया के साथ कब होगा न्याय
नैनीताल जिले के लालकुँआ से लगे बिन्दुखत्ता के राजीवनगर में लगभग साढ़े सात साल पहले आठ साल की अबोध बिटिया की यौन हिंसा के बाद हत्या कर दी गयी थी. राजीवनगर निवासी नवीन राम ने 10 जुलाई 2012 को... Read more
हमारी नियमित लेखिका गीता गैरोला ने आपको अनेक मनभावन कहानियां सुनाई हैं. हाल ही में हमने उनकी मशहूर किताब ‘मल्यो की डार’ के एक अध्याय को हरिद्वार में रहने वाली स्मिता कर्नाटक की आवाज़ में सुन... Read more
इन दिनों कॉर्बेट पार्क में ली गयी एक तस्वीर देश भर में चर्चित है. तस्वीर में एक बाघिन कॉर्बेट पार्क में रामगंगा नदी के किनारे-किनारे ग्रासलैंड के एक छोर से दूसरे छोर की तरफ जा रही है. अपने र... Read more
हल्द्वानी की सबसे पुरानी संगीत संस्था ‘संगीत कला केंद्र’ की स्थापना हुई 1957 में
कुमाऊँ का प्रवेश द्वार हल्द्वानी व्यावसायिक नगर के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भी अग्रणी रहा है. शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में विद्वानों की महफिलें आज भी यहाँ जुटती हैं. यद्यपि व्यावस... Read more


























