पहली मिलम यात्रा के शुरूआती दो दिनों में मुझे और कमल दा को एक चीज का पक्का पता चल गया था कि हमारे साथी फ़कीर दा हमको बच्चा समझ कर हमारा भौत चूरन काट रहे थे. चूँकि हम सकल सूरत और जेब से कत्तई... Read more
टिकटशुदा रुक्का : जातीय विभेद पर टिके उत्तराखंडी समाज का पाखण्ड-चन्द्रकला ‘नवारुण’ से प्रकाशित नवीन जोशी के नवीनतम उपन्यास ‘टिकटशुदा रुक्का’ को पढ़ते हुए उनके पहले उपन्यास ‘दावानल’ की तस्वीर... Read more
कोरोना संकट के बीच पिथौरागढ़ के दो गावों ने साबित किया सोरयाली सबसे ख़ास हैं
कल एक फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि पिथौरागढ़ वाले खास हैं. इस आपदा की स्थिति में सब एक दूसरे का साथ दे रहे हैं. तो हाँ, सोरयाली इस बात में कुछ तो खास हैं. इस एक बात से एक बात और जोड़ दूं, वो... Read more
अद्भुत है मस्तांग घाटी का सफ़र : फोटो निबंध
यह यात्रा बंटी और उनके साथी मोहित ने रॉयल इनफील्ड से 15 से 20 सितम्बर 2019 के दरमियान की थी. मस्तांग घाटी का उनका सफ़र पिथौरागढ़ से महेन्द्रनगर, अट्टरिया, पोखरा, बेनी, जोम्सोम होते हुए मुक्त... Read more
बूटी या ज्ञान या विजया या फिर अत्तर
उनका असली नाम क्या था, यह कोई नहीं जानता था, और नाम में क्या रखा है, को सब मानते थे. जब बिना नाम जाने काम चल जाए तो नाम की क्या जरूरत. बहरहाल उनकी काया की रूप सज्जा के आधार पर सब उन्हें पंडि... Read more
बार-बार नहीं आते अरविन्द डंगवाल जैसे थानेदार
अरविन्द डंगवाल हल्द्वानी के पुलिस विजिलेंस डिपार्टमेंट से आज रिटायर हो रहे हैं. एक बहादुर और कर्मठ पुलिस अधिकारी के रूप में उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में जो प्रतिष्ठा अर्जित की वह उनके सहक... Read more
जिन्होंने अपनी रांच पर पहाड़ को बुना…
जब बर्फ पिघल कर नदियों को जवान कर रही थी और बुरांश पहाड़ को रक्तिम, तब रेशम की लकीरों पर अपनी भेड़ों को हांकते रं और शौका व्यापारी माल भाभर के खत्तों को छोड़ पहाड़ की और लौट रहे थे. इनकी भेड... Read more
दादाजी और लुल्ली संग बारात में सर्कस की मौज
“अरे बेटा बरुन जल्दी करो, लेट है गये हैं.” दादाजी ने स्कूटर से उतर कर तेजी से कदम बढ़ाते हुए कहा.बहोड़ापुर से सागरताल की तरफ़ जाने वाली सड़क पर आज जाम लगा हुआ था. उस सड़क पर कतार... Read more
उत्तराखंड सीमांत और नेपाल की विभाजक है काली नदी. 1815 के बाद ब्रितानी हुकूमत ने नेपाल को कालीपार सीमा से बांध दिया. इस घटना पर मोलाराम ने लिखा: डोटी मांहि गोरषा बैठे, कालीवार इंगरेज हि बै... Read more
एक लड़का जिसे उसके नाते-रिश्तेदार समेत उसके आस-पास के पचास कोस तक की सभी जगह में मनहूस माना जाता हो. जिसके आने पर लोग घर में न होने का कोई बहाना ख़ोजते हों. जो अपनी जिंदगी में पहली बार हैरान... Read more


























