रहस्यमयी रूपकुंड से जुड़ी कहानियां
रूपकुंड यहां से करीब तीन किलोमीटर दूर है. लेकिन उंचाई ज्यादा होने से रास्ता बहुत लंबा और थकान भरा महसूस होता है. रूपकुंड पहुंचने तक आठ बज चुके थे. मौसम की बेरुखी के कारण इस बार रूपकुंड में झ... Read more
ईश्वर के अस्तित्व पर महात्मा गांधी का अनमोल भाषण
अक्टूबर 1931 में महात्मा गांधी लंदन गए थे, वहां उन्होंने किंग्सले हॉल में बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित किया. उन्होंने इस संबोधन को अपना आध्यात्मिक संदेश कहा. इस संदेश को पढ़ते... Read more
चटोराबाद में मोहिनी से भेंट
मोहिनी मोहक है. मोहिनी मनभावन है. मोहिनी आज भैया के पास खड़ी है. मोहिनी स्थिर है. मोहिनी स्वाधार है. उसका एक पैर पंक मे उगे छोटे से टापू पर स्थापित है, और दूसरा पैर सुदूर स्थित भैया के ठेले... Read more
थल में नदी किनारे छक्के लगाने वाली श्वेता वर्मा का बल्ला अब भारत के लिये बोलेगा
रामगंगा नदी के किनारे सदियों पुरानी बसासत है थल. सदियों से थल आस-पास के लोगों की जरूरत पूरा करने वाला एक अहम बाज़ार रहा है. इसी छोटे से कस्बे की रहने वाली एक बेटी पिछले कई सालों से भारत के ल... Read more
Prem Chand Sharma Agriculture Uttarakhand Read more
पहाड़ में राजस्व के साथ पुलिस भी संभाले पटवारी
गों घर हो या पट्टी, अंग्रेज की शकल किसने देखी? पर पटवारी वो तो साक्षात् राजसेब हुआ.जरा उसकी आँख में बाल पड़ा कि पुरखों के सहेजे खेत पात कागजात खसरा खतौनी पर काली अमिट सियाही का दाग पड़ते देर... Read more
शेरदा अनपढ़ और नरेन्द्र सिंह नेगी की जनप्रतिनिधियों पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी
लगभग चौबीस सौ साल पहले जन्मे महान दार्शनिक अरस्तु द्वारा शासन सम्बन्धी व्यवस्था पर प्रतिपादित अपने तीन वर्गीकरण में से जनतांत्रिक शासन ही आज भी लोकप्रिय शासन माना जाता है. अब्राहम लिंकन ने ल... Read more
आज बगुवावासा में पड़ाव था. रूपकुंड की तलहटी पर ठंडा पड़ाव है बगुवावासा. अविनखरक से सात किलोमीटर पर है पाथर नचौनियां और वहां से साढ़े चार किलोमीटर की दूरी पर है बगुवावासा. रकसेक कंधों पर डाल... Read more
जिस राष्ट्र में यह कहा जाता हो कि “तीन कोस पर पानी बदले, नौ कोस पर बोली”, जहाँ हर प्रकार की मिट्टी, विभिन्न जलवायु, सभी धर्मों के लोग पाये जाते हो, वहाँ यह समझने में थोड़ी कठिनाई होती है कि... Read more
यारसा गुम्बा : उत्तराखंड के बुग्यालों में मिलने वाली सोने से ज्यादा कीमती जड़ी
यारसा गुम्बा, यारसा गम्बू या कीड़ा जड़ी के नाम से जानी जाने वाली इस हिमालयी जड़ी-बूटी की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 25-30 लाख रुपए किलो तक है. इसके बावजूद साल भर में यारसा गुम्बा का कारोब... Read more


























