उस पार छिपा है क्या, मैं भी तो जानूं जरा
टाइम्स समूह की चेयरमैन इंदु जैन ने बीते गुरुवार निर्वाण पा लिया. जिस तरह उन्होंने जीवन को भरपूर जिया, भरपूर समझा, उसके बाद मृत्यु नहीं, सिर्फ निर्वाण ही संभव हो सकता है. सत्य को जान लेने के... Read more
चने के डुबके बढ़ाते हैं इम्यूनिटी
डुबके पर्वतीय खानपान का अभिन्न अंग है. आमतौर पर डुबके भट्ट के बनाए जाते हैं. चूंकि भट्ट गरम होता है, इसलिए गर्मियों के दिनों में चने के डुबके बेहद स्वादिष्ट और लोकप्रिय हैं.(Dubke Uttarakhan... Read more
उत्तराखण्ड में सिक्कों की छपाई का इतिहास
उत्तराखण्ड के गढ़वाल मंडल का श्रीनगर शहर मध्यकाल से ही सिक्कों के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध रहा था. उस समय इन सिक्कों को ‘टिमाशास’ कहा जाता था. जब-जब नेपाल या लद्दाख़ के रास्ते तिब्बत के साथ ह... Read more
घ्वीड़ संग्रान्द : एक पारम्परिक उत्तराखंडी त्यौहार
आज ज्येष्ठ मास की संक्रांति है. लगभग हर मास की संक्रांति को हमारे पहाड़ में किसी न किसी त्यौहार के रूप में मनाया जाता है, इस संक्रांति को हमारे क्षेत्र में घ्वीड़ संक्रांति के रूप में मनाया... Read more
वैक्सिनेशन और हथछेड़ू का आतंक
कोणबूड के बाद अगर किसी ने मेरी उम्र के बच्चों को सर्वाधिक आतंकित किया है तो वो हथछेड़ू ही था. बहुत बाद में पता चला कि उसका सरकारी पदनाम वैक्सिनेटर है. बाकायदा स्वास्थ्य विभाग में एक वैक्सिने... Read more
जाति की जड़ता जाये तो उसके जाने का जश्न मनायें
उत्तराखंड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992) का आज जन्मदिन है. सन् 1930 में 18 वर्ष की किशोरावस्था में निरंकुश बिट्रिश सत... Read more
गाँव में जाती है देव डोली. यह वर्षों से चली आ रही पहाड़ की प्राचीन परंपरा है. इसके जन-कल्याण से सम्बन्धित अधिमान इसे आदर्श लोक परंपरा का रूप देते हैं. गाँव के हर सदस्य, हर मौ, हर द्वार, हर प... Read more
मेरे दम घुटते देश के पक्ष में एक गवाही
-मनीष आज़ाद 7 अक्टूबर 2020 को दक्षिण दिल्ली में कुत्तों के लिए बने एक शमशान घाट का उद्घाटन करते हुए वहाँ की भाजपा मेयर अनामिका मिथिलेश ने कहा कि अब कुत्तों को भी सम्मान के साथ दफनाया जा सकेग... Read more
यूँ ही मन लगा कर रियाज़ करते रहो
हर सुबह की तरह इस सुबह भी श्रीमतीजी और बच्चे बाथरूम के दरवाजे पर रुक कर, मुझे कुछ इस तरह देख रहे थे, जैसे राह चलते लोग रुक कर बन्दर का तमाशा देखते हैं. मैं गलगलिया की तरह मुँह ऊपर कर के कभी... Read more
मिशन ‘हौसला’ एक उम्मीद है उत्तराखंड के लिए. इसे वो लोग अंजाम दे रहे हैं जिनके लिए आपके मन में हज़ार शंकाएं हैं. उसे रखिए. शंकाएं और सवाल ही अंततः संस्थाओं के सबसे काबिल दोस्त साब... Read more


























