Featured

कुमाऊं में ब्राह्मणों के प्रकार

कुमाऊं की जातिगत परम्परा के अंतर्गत ब्राह्मणों के भीतर भी वर्ग किये गये हैं. इस वर्गीकरण के आधार पर कुमाऊं…

4 years ago

मां की ठोस यादों से भरा कुमाऊनी गीत “पलना”

अपने जीवन में स्त्री एक साथ कई किरदारों से होकर गुजरती है जिसमें मां का किरदार सबसे मयाला है. एक…

4 years ago

चाय से जुड़े अफसाने, चाय दिवस के बहाने

चाय हमारे हिन्दुस्तानी समाज में कुछ इस तरह रच-बस चुकी है कि वह अब केवल राष्ट्रीय पेय ही नहीं रहा,…

4 years ago

पुस्तक समीक्षा – भंवर: एक प्रेम कहानी

भंवर: एक प्रेम कहानी- अनिल रतूड़ी का हाल ही में प्रकाशित उपन्यास है. उपन्यास में लेखक ने लोक-जीवन से भरपूर…

4 years ago

पूरन दा और उनकी चलती-फिरती काफल की दुकान

गर्मियों के आने की आहट के साथ आ जाता है पहाड़ों का रसीला काफल. हर साल अपने रुप से हर…

4 years ago

कुमाऊनी संस्कृति के रंगों से गुलजार होता नैनीताल

पिछले एक वर्ष में नैनीताल का स्थानीय बाज़ार कुमाऊनी संस्कृति के रंगों से गुलजार होता नजर आ रहा है. बाज़ार…

4 years ago

पहाड़ की स्मृति : यशपाल की कहानी

अब तो मण्डी में रेल, बिजली और मोटर सभी कुछ हो गया है पर एक ज़माना था, जब यह सब…

4 years ago

फ़ोटोग्राफ़र : क़ुर्रतुल एन हैदर की कहानी

मौसमे-बहार के फलों से घिरा बेहद नज़रफ़रेब1 गेस्टहाउस हरे-भरे टीले की चोटी पर दूर से नज़र आ जाता है. टीले…

4 years ago

प्रेमचंद की कहानी ‘मंदिर और मस्जिद’

चौधरी इतरतअली ‘कड़े’ के बड़े जागीरदार थे. उनके बुजुर्गों ने शाही जमाने में अंग्रेजी सरकार की बड़ी-बड़ी खिदमत की थीं.…

4 years ago

गले में पाटी लटकाकर स्कूल जाने की याद

लोग अपने कालेज के दिन याद करते हैं. जवानी के दिनों पर चर्चा करते हैं पर मुझे लगता है पहाड़ी…

4 years ago