उत्तराखण्ड में अलग-अलग विशेषताओं वाली जमीन के लिए अलग शब्द या वाक्यांश इस्तेमाल किये जाते हैं. (Names of Land with…
'कोतवाल का हुक्का' पुस्तक को कहानी संग्रह कहा गया है, पर यह तो कविता है. पढ़ते हुए भी और सोचते…
सोरघाटी और उससे लगे गावों में आज और कल लोकपर्व चैतोल लोकपर्व मनाया जा रहा है. सोरघाटी के अतिरिक्त चैतोल…
चैतोल कुमाऊँ मंडल में चैत्र नवरात्र में मनाया जाने वाला त्यौहार है. मुख्यतः पिथौरागढ़ की सोर घाटी, चम्पावत के गुमदेश…
कुमाऊँ के पारंपरिक गांव या गौं के मकान घर या कुड़ी कहे जाते हैं. घरों की निचली मंजिल गोठ हुआ…
आज थल मेले का आखिरी दिन है. महीने भर चलने वाला थल मेला अब तीन में सिमट गया है. आधुनिकता…
एक छोटे से गाँव में एक दरजी रहता था. उसने अपने बेटे को भी दरजी का काम सिखा दिया, ताकि…
हरियाणा पंजाब समेत पूरे उत्तर भारत में बैसाखी बड़े धूम-धाम से मनाई जाती है. बैसाखी के संबंध में यह माना…
तब यातायात के साधन सुलभ नहीं थे. उस समय इन दुर्गम पर्वतीय तीर्थों की यात्रा करना अति कठिन कार्य था.…
मोष्ट्या सोरघाटी के प्रमुख लोक देवताओं में से एक हैं. जैसा कि एक अलिखित परंपरा हमारे समाज में रही है…