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गिरगिट का सपना : मोहन राकेश की कहानी

एक गिरगिट था. अच्‍छा, मोटा-ताजा. काफी हरे जंगल में रहता था. रहने के लिए एक घने पेड़ के नीचे अच्‍छी-सी…

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चालीस भाइयों की पहाड़ी

कई साल पहले कश्मीर की ऊँची पहाड़ियों में एक धनी किसान रहता था, जिसका नाम द्रूस था. हालाँकि उसके पास…

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कोतवाल का हुक्का: पुलिस-कोतवाली की कहानियाँ

कोतवाल का हुक्का, हाल ही में प्रकाशित कथा संग्रह है, अमित श्रीवास्तव का. उत्तराखण्ड पुलिस महकमे में आईपीएस अधिकारी हैं.…

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दिलचस्प है गढ़वाल मंडल में यातायात व्यवस्था का इतिहास

चारधाम यात्रा का मुख्य द्वार होने के चलते ऋषिकेश को ट्रांसपोर्ट नगरी भी कहा जाता है. आज के सूचना प्रौद्योगिकी…

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चन्द्र सिंह गढ़वाली के गांव से गुजरते हुए

चौंरीखाल से चलें तो तकरीबन 5 किमी. आगे पैठाणी से आने वाली सड़क हमारी सड़क से जुड़ गयी है. ललित…

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छिपलाकोट अन्तर्यात्रा: आया है मुझे फिर याद वो ज़ालिम

पिछली कड़ी यहां पढ़ें: छिपलाकोट अंतर्यात्रा : यूँ शाख पे उगतीं हैं कोमल कोंपलें सुबह जब भी आँखें खुलती खिड़की…

4 years ago

बचपन में क्रिकेट की यादें

बात तब की है जब हम हाईस्कूल पास कर चुके थे. हमारे कुछ सीनियर मित्र भी थे जो इण्टर में…

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लोक कथा : ब्राह्मण, बकरी और ठग

किसी गांव में एक ब्राह्मण रहता था. वह पूजा अनुष्ठान का अच्छा जानकार और विद्वान था और लोग आए दिन…

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असल पहाड़ी प्रकृति के उपकारों को कभी नहीं भूलता : विश्व पृथ्वी दिवस विशेष

प्रकृति उत्तराखंड के लोकपर्वों का अभिन्न हिस्सा है. उत्तराखंड के हर छोटे-बड़े त्यौहार में प्रकृति किसी न किसी रूप में…

4 years ago

लोक कथा : कछुए ने बन्दरों से बदला लिया

बहुत दिनों पहले की बात है, कि एक बार एक कछुआ एक अजनबी शहर में नमक खरीदने गया. (Folklore Kachue…

4 years ago