हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 54
कई दूसरे शहरों में मुस्लिम समाज के बीच भी धार्मिक मान्यताओं को लेकर आपसी फसादाता होते रहते हैं, किन्तु यहां बरेलवी और देवबंदी दोनों मतों को मानने वाले धार्मिक मामलों में आपसी सुलह-समझौते को... Read more
मुनस्यारी के किस्से
मुनस्यारी के किस्से –लवराज टोलिया मुनस्यारी बड़ा छोटा सा शहर है साहब, इतना छोटा कि आज भी बच्चे-बूढ़े लहराते हुए 15 मिनट में शहर की छोटी-मोटी रैकी या तफरी सी काट आते है, वो अलग बात है कि... Read more
हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 53
कुमाऊं मोटर ओनर्स यूनियन लिमिटेड नामक यह कम्पनी हिस्सों की बुनियाद पर नहीं बल्कि एक प्रकार से सहकारी भावनाओं को लेकर मालिकों ने अपनी-अपनी गाड़ियां एक कम्पनी के अन्दर सामूहिक व्यवस्था के तहत र... Read more
रामगढ़ और धारी के युवाओं की पानी बचाने की मुहिम
पानी की हर बूंद को बचाने की मुहिम पंकज सिंह बिष्ट आज कहीं जब चुनाव हो रहे होते हैं तो, चर्चाओं का बाजार गर्म हो जाता है. किसी ने दूसरे मजहब पर कटाक्ष कर दिया तो बवाल हो जाता है. यहाँ तक कि ल... Read more
पिथौरागढ़ से भारतीय बाक्सिंग के पितामह
भारत के सर्वश्रेष्ठ बाक्सरों ओमप्रकाश भारद्वाज, किशन सिंह, जगजीवन सिंह, पद्म बहादुर मल्ल, एमके राय, एसके राय, एमएल विश्वकर्मा, डॉ॰ धर्मेंद्र भट्ट, भास्कर भट्ट, राजेंद्र सिंह, प्रकाश थापा, हव... Read more
पशुपालकों के लोकदेवता सिदुआ-बिदुआ
गढ़वाल की लोक गाथाओं एवं देवगाथाओं (घड़ियाला/जागर) के अनुसार सिदुआ, बिदुआ नामक भाइयों को लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है. ये दोनों भाई रमौला (सेममु-खेम) के गंगू रमौला के पुत्र थे. दोनों भाई ग... Read more
रं महोत्सव 2018 – फोटो निबन्ध
इस बार धारचूला में रं महोत्सव (एजीएम) 2018 का आयोजन किया गया है, जिसमें दारमा, व्यांस, चौदांस के 37 गांवों के लोगों के साथ ही देश-विदेश में सेवाएं दे रहे रं समाज के लोग शिरकत कर रहे हैंं. इस... Read more
हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 52
वर्तमान में इलैकट्रानिक मीडिया के कई चैनल काम करने लगे हैं. समाचार पत्रों के प्रकाशन की भी बाढ़ सी आ गई है और यह काम आधुनिक टैक्नालॉजी के प्रवेश से आसान भी होता जा रहा है. पत्रकारिता में व्यव... Read more
मौर्यकाल के दौरान उत्तराखण्ड की स्थिति
उत्तराखंड का इतिहास भाग – 7 मौर्यकाल के साहित्यिक और पुरातत्विक स्त्रोत मिल जाने के कारण वर्त्तमान उत्तराखण्ड क्षेत्र का एक स्पष्ट इतिहास सामने आता है. मौर्यकाल के दौरान वर्तमान उत्तराखण्ड क... Read more
हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 51
यह 15 अगस्त 1978 का दिन था. एकाएक मैंने उसे अपने सामने खड़ा पाया, एक ग्राहक के रूप में. मै बैठने का आग्रह करूं, उससे पहले ही वह बोला, ‘‘अखबार छापना है’’. एक छोटा छापाखाना किसी दूसरे का अखबार... Read more



























