खुद ही ब्रांड है नैनीताल की नमकीन
न कोई ब्रांडिंग, न विज्ञापन, न चमक-दमक वाला आउटलेट. इसके बावजूद नैनीताल की नमकीन इस कदर मशहूर हो गयी, कि लोग इसके दीवाने हैं. जिसने नैनीताल की नमकीन का स्वाद चखा, वह आज भले ही महानगरों में... Read more
इन दिनों कॉर्बेट पार्क में ली गयी एक तस्वीर देश भर में चर्चित है. तस्वीर में एक बाघिन कॉर्बेट पार्क में रामगंगा नदी के किनारे-किनारे ग्रासलैंड के एक छोर से दूसरे छोर की तरफ जा रही है. अपने र... Read more
अपने दादा, पिता और चाचा की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए बागेश्वर के आसोन मल्लाकोट निवासी सोनाली मनकोटी भारतीय तटरक्षक सेवा में असिस्टेंट कमांडेंट नियुक्त हुई हैं. सोनाली मनकोटी उत्तराखण्ड के कु... Read more
नैनीताल में शेरवानी लौज के पन दा की कड़क चाय
नैनीताल में शेरवानी लौज के पन दा की चाय जिसने एक बार पी ली तो समझो वह उस चाय का मुरीद हो गया. मूल रूप से दौलाघट के रहने वाले पनदा का हंसमुख स्वभाव ही ऐसा था कि जिससे दो-चार बातें हुई, उनसे... Read more
रूप दुर्गापाल टेलीविजन के रुपहले परदे की जानी-मानी अदाकारा हैं. मूल रूप से अल्मोड़ा की रहने वाली रूप दुर्गापाल ने अपनी प्रतिभा के दम पर बहुत कम समय में अभिनय की दुनिया में अच्छा नाम बनाया है... Read more
शाहजहाँ के राज्याभिषेक का समय था भारत के बड़े-बड़े राजा उसके दरबार में नतमस्तक होने गए थे लेकिन गढ़वाल के स्वाभिमानी राजा महीपतिशाह राज्याभिषेक में सम्मिलित न हुए. शाहजहाँ तभी से महीपतिशाह के प... Read more
मल्टीनेशनल नौकरी छोड़ कर पहाड़ लौटे इस युवक ने मिसाल कायम की युवाओं के लिए
[जल्द ही उत्तराखण्ड स्थापना दिवस आने वाला है. इस अवसर पर हम देश-दुनिया में रह रहे उत्तराखण्ड के उद्यमी युवाओं पर एक विशेष श्रृंखला शुरू कर रहे हैं जिन्होंने अपने हौसलों और परिश्रम से बड़ी उपल... Read more
‘आई एम पहाड़ी’ टी-शर्ट के पीछे मेहनत करने वाले उत्तराखंड के युवा रमन शैली को जानिये
एक पहाड़ी ऐसा भी जहाँ एक तरफ पहाड़ का युवा शहरों की तेज़ तर्रार भागती ज़िन्दगी का दीवाना है वहीं दूसरी तरफ 6 साल तक बैंगलोर में रहने के बाद भी इंजीनियर का तमगा छोड़ एक पहाड़ी युवा ने पहाड़ो... Read more
किसी शहर के भविष्य का आधार उसका युवा होता है. एक ऐसे समय जब पूरे विश्व भर में युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के नाम पर भाषण पिलाया जा रहा है उस समय पिथौरागढ़ में युवाओं का एक समूह ‘हरेला... Read more
गंगोलीहाट की डॉ. सविता जोशी जो गुड़गांव में गेरु और बिस्वार से ऐपण बना कर देश और दुनिया में अपनी संस्कृति को लोकप्रिय बना रही हैं
ऐपण हमारी परवरिश का एक हिस्सा रहा है जो बाद में केवल महिलाओं और लड़कियों तक सीमित रह गया. ऐपण का मतलब है लीपना. लीप शब्द का अर्थ है अंगुलियों से रंगने से है. गेरु की पृष्ठभूमि पर बिस्वार अथवा... Read more



























