9 अगस्त कीई सुबह का सूरज निकलता उससे पहले अंग्रेजों ने ‘ऑपरेशन जीरो आवर’ के तहत कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं को या तो गिरफ्तार कर लिया या फिर नज़रबंद. आन्दोलन संभालने के बारी अब युवाओं के कंध... Read more
बैरन ने दुनिया को नैनीताल के बारे में क्या बताया
कुमाऊं के दूसरे कमिश्नर ट्रेल नैनीताल की यात्रा करने वाले पहले यूरोपीय व्यक्ति थे लेकिन उन्होंने इस जगह की धार्मिक पवित्रता को देखते हुए अपनी यात्रा को प्रचारित न किया. 1839 में कमिनश्नर बैट... Read more
भारत के रॉबिनहुड सुल्ताना डाकू की कहानी
सुल्ताना को परिवार सहित कैद कर दिया गया था सुल्ताना डाकू का नाम सभी हम सभी जानते हैं. सुल्ताना भारतीय दंत कथाओं का पात्र बन चुका है. सुल्ताना के किस्से पीढ़ी-दर-पीढ़ी कहे जाते रहे हैं. सुल्तान... Read more
गंगोलीहाट का इतिहास
बागेश्वर से नीचे सरयू और पूर्वी रामगंगा के नीचे गंगोली रमणीय भू-प्रदेश है. इसके बारे में कविवर गुमानी ने कुमाऊनी भाषा में लिखा है:(History of Gangolihat Pithoragarh) केला, निम्बू, अखोड़, दाड... Read more
-मनीष आज़ाद हिरोशिमा, शिन और उसकी तिपहिया साइकिल हिरोशिमा पर परमाणु बम गिरने के ठीक 4 दिन पहले शिन को उसके तीसरे जन्मदिन पर चटक लाल रंग की तिपहिया साइकिल उसके चाचा ने दी थी. उस समय बच्चों के... Read more
वर्तमान में अपने शौर्य और पराक्रम के लिए पहचानी जाने वाली कुमाऊँ रेजिमेंट की 21 बटालियनें हिन्दुस्तान की सीमाओं की सुरक्षा में जुटी हैं. 1788 में नवाब सलावत खां की सैन्य टुकड़ी के रूप में स्... Read more
भाबर के इलाके वास्तव में पहाड़ियों की ही भूमि है
एक समय ऐसा भी था जब कुमाऊं में भाबर की जमीन पहाड़ियों की हुआ करती थी. पहाड़ में रहने वाले लोगों की भाबर में स्थित इन जमीनों में उनके स्थायी और अस्थायी दोनों तरह के घर हुआ करते थे. नवम्बर से... Read more
‘झूलाघाट’ की कहानी
अल्मोड़ा-झूलाघाट अश्व-मार्ग/पैदल मार्ग का अंतिम पड़ाव सीमान्त क़स्बा झूलाघाट था. 1829 में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा बनवाये गए झूलापुल के आर-पार नदी किनारे कोई बस्ती नहीं थी. भारतीय क्षेत्र मे... Read more
रूस दौरे से लौटने पर नेहरू में क्यों जगी ‘कण्वाश्रम’ को जानने की जिज्ञासा
अंग्रेजी हुकूमत से भारत को आजादी मिलने के बाद वर्ष 1955 में रूस दौरे पर गए भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने जब रूस में महर्षि कण्व ऋषि की तपस्थली और चक्रवर्ती सम्राट भर... Read more
सूर्य भगवान की मूर्ति किसी धातु या पत्थर से निर्मित नहीं है बल्कि यह मूर्ति बड़ के पेड़ की लकड़ी से बनी है. लाल वर्ण, सात घोड़ों के रथ में सवार भगवान सूर्य देव को सर्वप्रेरक, सर्व प्रकाशक, स... Read more


























