जब एक ग्वाला कुमाऊं का राजा बन गया
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree कुमाऊं के चंद शासकों की वंशावली में एक राजा का नाम है थोहरचंद. फ्रांसिस हैमिल्टन ने अपने दस्तावेज द एकाउंट ऑफ़ दी किंगडम ऑफ... Read more
बागेश्वर नाम से जुड़ी एक स्थानीय लोककथा
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree कुमाऊं के सबसे पुराने नगरों की बात की जाय तो बागेश्वर की गिनती सबसे पुराने नगरों में की जाती है. बागेश्वर वर्तमान में एक जि... Read more
कुमाऊं के कुछ प्राचीन मंदिर
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree कुर्मांचल में प्राचीन काल में जहाँ भी मन्दिरों का निर्माण हुआ, वह आबादी से हट कर कोई शान्त तथा रमणीक स्थल, अथवा देवदार... Read more
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree बेड़ू पाको बारा माशा उत्तराखंड के सबसे लोकप्रिय लोकगीतों में है. वर्तमान में इसके अनेक रूप गाये जाते हैं. मूल रूप से बेड़ू... Read more
एक बकरा जिसने बाघ और सियार को साथ में ढेर किया
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree बड़ी पुरानी बात है एक बकरे को न जाने क्या सूझी और वह अपने मालिक को बिना बताये शाम के समय जंगल की ओर चल दिया. बकरा जान... Read more
सिद्धबली मंदिर की कहानी
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में कोटद्वार के पास एक नदी बहती है खोह. खोह के विषय में मान्यता है कि यह वही कौमुदी नद... Read more
कुमाऊं में वह जगह जहां कुंभकर्ण का सिर रखा गया
वर्तमान चम्पावत क्षेत्र चंद शासन काल में काली कुमाऊं नाम से जाना जाता था. गोरखा और चंद काल में इसमें खिल पित्तीफाट, गुमदेश, गंगोल, चालसी, चाराल, पाल-बिनौल, फड़का-बिसज्यूला, बिसुंग, सिप्टी, स... Read more
पहाड़ ठंडो पानी, सुण कति मीठी वाणी
पिछले दो दशक में कुमाऊं में होने वाली मंचीय प्रस्तुत में गाया जाने वाला एक है – पहाड़ ठंडो पानी. स्कूल कालेज के मंच हों या राजनीतिक सामजिक मंच इस गीत को अनेक कलाकार गा चुके हैं. इस गीत को लि... Read more
कुमाऊनी लोक कथा : खाचड़ी
एक भै लाट. एक बखत उ आपण सैंणी कैं बुलूण हैं सौरास हैं बटी रौछ्यू. जाण बखत वीलि इज छैं पूछ — इजौ मै सौरास जाबेर के खून? इजलि कै तू खीचड़ी भलि माननेर भये खीचड़ी खाये. लाटलि कै — पैं मैं खीचड़ी... Read more
सुनें घुघुतिया का गीत
यूट्यूब चैनल ‘केदारनाद’ कुमाऊँ के लोक पर्व उत्तरायणी के मौके पर लाया है एक बेहतरीन लोकगीत. गीत के बोल हैं ‘ओ काले कौआ.’ गौरतलब है कि कुमाऊनी लोकसंगीत को रिक्रिएट करने... Read more


























