नैनीताल जिले का मुक्तेश्वर कभी अपनी रामलीला को लेकर भी खासा जाना जाता था. आसपास के गांवों से लोग हाथ में मशाल लेकर रात की रामलीला देखने आते थे. सभी धर्मों के लोग इस रामलीला में प्रतिभाग करते... Read more
धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय का बगेट-आर्ट
नगरपालिका सभागार में अल्मोड़ा 2-3 सितम्बर को आयोजित बगेट-आर्ट प्रदर्शनी देखने का सुअवसर मिला. बगेट चीड़ के पेड़ की छाल को कहते हैं. अल्मोड़ा के त्युनरा/बांसभीड़ा मोहल्ले के निवासी धीरेन्द्र क... Read more
आज अमृता प्रीतम का जन्मदिन है. 31 अगस्त, 1919 को पंजाब के गुजरांवाला अमृता प्रीतम का जन्म हुआ. पंजाबी की ख्यात लेखिका होने के बावजूद वे सारे हिन्दुस्तान की लेखिका मानी जाती हैं. उन्होंने अपन... Read more
हिलजात्रा: ग्रामीण कृषक समाज की जीवंत झांकी
जेठ-आषाढ़ की तप्त गर्मी और हाड़ तोड़ देने वाली धान की रोपाई के बाद सावन के घुमड़ते मेघ पहाड़ों के जीवन को कुछ पल के लिए शिथिल कर देते हैं. इन परसुकुन के पलों में जब प्रकृति भी अपना श्रृंगार... Read more
उत्तराखंड में सातों-आठों बहुत महत्व का त्यौहार माना जाता है. इन दो दिनों में गाँव की सभी युवतियां और महिलाएं गौरा और महेश (शिव और पार्वती) को पूजती हैं. गौरा और महेश की जिन आकृतियों की पूजा... Read more
12 अगस्त 1949 को पौड़ी में जन्मे नरेन्द्र सिंह नेगी उत्तराखण्ड के उन गिने-चुने व्यक्तित्वों में से हैं जो कुमाऊँ और गढ़वाल दोनों मंडलों में समान भाव से चाहे जाते हैं. नरेन्द्र सिंह नेगी के ग... Read more
उत्तराखंड में महिलाओं के आभूषण किसी को भी आकर्षित कर सकते हैं. इन्हीं आभूषणों में एक नाक की नथ या नथुली. नथ, उत्तराखंड में विवाहित महिलाओं द्वारा नाक में पहना जाने वाला एक आभूषण है. एक पारंप... Read more
खुदेड़ : नराई से जन्मा पहाड़ी लोकगीत
करीब दस एक साल पहले तक गढ़वाल के गांवों में मोछंग की धुन के साथ दर्द भरी आवाज में गीत सुनने को मिल जाते थे. ये गीत सामान्यतः महिलाओं द्वारा गाये जाते जिनमें पहाड़ का दर्द साफ़ झलकता था. नवविवाह... Read more
गढ़वाल के राजा मान शाह और सुरजू डंगवाल की लोककथा
एक समय की बात है, बहादुर शाह नाम का व्यक्ति गढ़वाल में राज करता था. उसके राज्य की राजधानी श्रीनगर थी, उसकी मुत्यु के बाद उसका पुत्र मान शाह गद्दीनशीं हुआ. उसकी ताजपोशी के समारोह के लिए मान श... Read more
महंत कहते हैं क्यूंकालेश्वर नहीं कंकालेश्वर है पौड़ी के इस विख्यात मंदिर का असली नाम
पौड़ी गढ़वाल में स्थित विख्यात कंकालेश्वर मंदिर को पर्यटन विभाग क्यूंकालेश्वर मंदिर के नाम से प्रचारित करता है अलबत्ता वहां रहने वाले महंत कहते हैं कि इसका वास्तविक नाम कंकालेश्वर है. वे मंद... Read more


























