सियार का फैसला- लोक कथा
एक सियार था. एक बार वह अपने शिकार की तलाश में निकला. उसने दूर से देखा, एक आदमी एक बाघ के आगे-आगे चल रहा है. उसे बात समझ न आई और वह छुप-छुपकर उनका पीछा करने लगा. तभी उसे आदमी की आवाज़ सुनाई प... Read more
लोक कथा : आगे की लकड़ी जलकर पीछे ही आती है
किसी गांव में एक बूढ़ी अपनी बहू के साथ रहा करती थी. बूढ़ी सास का शरीर जर्जर हो चुका था, वह अक्सर बीमार रहती थी. सास को हाथ-पाँव जवाब दे चुकने के बाद घर पर बहू का ही राज था. बुढ़िया की सेवा क... Read more
लोक कथा : चालाक शत्रु
एक बार जंगल में एक तेंदुआ, एक भेड़िया, बिल्ली, लोमड़ी और एक चूहे ने हिरन को मारने की योजना बनाई. यह ऐसा काम था जिसे वे कोई भी अकेले नहीं कर सकते थे. चालाक लोमड़ी ने कहा, “जब वो सो रहा होगा त... Read more
पिथौरागढ़ की हिलजात्रा की दिल्ली में धूम
इन दिनों राजधानी दिल्ली में संगीत नाटक अकादमी द्वारा ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ के अन्तर्गत क्लाइडस्कोप नाम से लोककला और लोकसंस्कृति से जुड़ा आयोजन किया जा रहा है. 21 से 30 मार्च तक चलने वाले... Read more
लोक कथा : भाई-बहन
दुर्गम और बीहड़ गांव में भाई-बहन रहा करते थे. उन दोनों का और कोई नहीं था. बस किसी तरह गुजर-बसर हो रही थी. फिर वह दिन भी आया जब बहन की शादी हो गयी. भाई अकेला रह गया तो उसकी मुश्किलें और ज्याद... Read more
लोक कथा : धोती निचोड़ी और टपके मोती
उस वृद्ध के पास ऐसा जीवन था जिस से संतुष्ट हुआ जा सकता है. भरा पूरा परिवार— जिसमें सात पुत्र थे, सभी बाहर दूर देस में काम-काज किया करते थे. घर में सात बहुएं थीं. बूढ़ा सुबह नदी में स्नान करत... Read more
लोक कथा : बिणिभाट और उसकी सात बहुएँ
बिणिभाट नाम के ब्राह्मण की सात बहुएं थीं लेकिन सभी निःसंतान. एक दिन बिणिभाट हाट से लौट रहा था तो देखता क्या है कि नदी का पानी काफी मैला है. यह बरसात का मौसम भी नहीं था कि ऊपर कहीं हो रही बरख... Read more
लोक कथा : जूँ हो!
नरेन और मधुली दोनों जुड़वां का आपसी स्नेह गाँव भर में चर्चा का विषय रहता. दोनों भाई-बहनों को कोई भी देखता तो एक साथ ही. दोनों साथ खेलते, खाते-पीते और नदी किनारे मौज मस्ती करते. (Folklore of... Read more
लोक कथा : लड़की जिसका सर्प के साथ ब्याह हुआ
एक अन्यायी और चापलूसी-पसंद राजा था. जो तो उसकी चाटुकारी में कसीदे गढ़ता उसे वह खूब खैरात बांटता लेकिन जो उसके मुंह पर सच बोल देता उसे वह कठोर दंड दिया करता. राजा की दो बेटियां थीं. बड़ी बेटी... Read more
भाव राग ताल नाट्य अकादमी द्वारा आयोजित, ‘मूल लेख बादल सरकार व हिंदी अनुवाद अभिषेक गोस्वामी’ नाटक “हट्टमाला के उस पार” का सफलतापूर्वक सुन्दर मंचन किया गया, कलाकारों द्... Read more


























