पहाड़ों को भी समझें अपना घर : रस्किन बॉन्ड
मैं पिछले छः दशकों से मसूरी में रह रहा हूँ. मसूरी में न होता तो शायद मैं इतना लिख भी नहीं पाता. सही मायनों में इन वादियों ने मेरे अन्दर के लेखक को बड़ा विस्तार दिया. मेरा जन्म कसौली में हुआ.... Read more
वन अनुसंधान संस्थान ‘एफआरआई,’ देहरादून का इतिहास
भारत में जब अंग्रेजों ने अपने पैर पसारना शुरू किया तो उन्हें उत्तर भारत के विशाल जंगलों का महत्त्व जल्द ही समझ आ गया. विश्व इतिहास में यह एक ऐसा समय था जब नौसेना ही किसी भी देश की निर्णायक श... Read more
ऐतिहासिक सब माउंटेन रोड (कंडी रोड) विस्तार और इतिहास इस सड़क को ही आधार मानकर पर्वतीय और गैर पर्वतीय क्षेत्रों को बांटा गया था. इसी आधार पर ही सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को भी पर्वतीय... Read more
उत्तराखंड राज्य का निर्माण के साथ पर्यटन नाम का एक ढोल इसके साथ जुड़ गया. 21 सालों से इस ढोल को पीटा जा रहा है यह तो इस राज्य को नेमत में मिली खूबसूरती है जो पर्यटन का यह ढोल हर खोल में दमदा... Read more
अभिनेत्री रूप दुर्गापाल के साथ देवभूमि दर्शन
अभिनेत्री रूप दुर्गापाल अल्मोड़ा की रहने वाली हैं. उनका पहाड़ प्रेम भी जगजाहिर है. मायानगरी के अपने व्यस्त समय से वे उत्तराखण्ड के पहाड़ों में रमने का वक़्त निकाल ही लेती हैं. इस दौरान अल्मो... Read more
पिछले डेढ़ साल की कोराना महामारी की अफरातफरी और लगभग कैदी जीवन के बीच पिछले हफ्ते हमने स्याही देवी की यात्रा करने की योजना बनाई. इस ट्रेक का प्रस्ताव गीता (पत्नी) की ओर से आया था. चूंकि उसे... Read more
बाघिन का घातक हमला
कुछ दिनों पहले की बात है, मैं रामनगर की कोसी नदी पर सूर्यास्त को अपने मोबाइल पर क़ैद कर रहा था. पानी में पढ़ती हुई सूर्य की गुलाबी किरणें नदी को एक अलग ही सौन्दर्य प्रदान कर रही थी. (M... Read more
दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में शुमार उत्तराखंड की ‘गर्तांग गली’ पर्यटकों के लिए खुली
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में स्थित गर्तांग गली हमेशा से पर्यटकों के बीच रोमांच का कारण रहा है. उत्तरकाशी जिले में स्थित गर्तांग गली भारत-तिब्बत के बीच व्यापारिक रिश्तों की ऐतिहासिक गवाह ह... Read more
योगेश साह, राजा साह और विजय मोहन खाती – 21 मार्च 1976 को ये तीन नौजवान नैनीताल से विश्व यात्रा पर निकले. अमृतसर से काबुल और वापसी का हवाई टिकट घर वालों ने खरीद कर दिया जिसमें करीब बारह सौ रु... Read more
अब तो मैं तीसरी बार तिब्बत में प्रवेश कर रहा था, इस रास्ते यह दूसरी बार जा रहा था. पहले प्रवेश में मुझे उतना ही कष्टों का सामना करना पड़ा था, जितना कि हनुमानजी को लंका-प्रवेश में. (Travelogu... Read more


























