पहाड़ से निकलकर बास्केटबॉल में देश का नाम रोशन करने कैप्टन हरि दत्त कापड़ी का निधन
हरि दत्त कापड़ी का जन्म पिथौरागढ़ के मुवानी कस्बे के पास चिड़ियाखान (भंडारी गांव) में हुआ था. 1958 से उन्होंने बॉक्सिंग, फुटबॉल और बास्केटबॉल खेलना शुरू किया, लेकिन बास्केटबॉल को ही अपनी जिं... Read more
डी एस बी के अतीत में ‘मैं’
तेरा इश्क मैं कैसे छोड़ दूँ? मेरे उम्र भर की तलाश है… ठाकुर देव सिंह दान सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नैनीताल यानी डीएसबी की यादें ऐसे खजाने से भरी हैं जिन्हें टटोलते मेरा मन... Read more
मशहूर पर्यावरणविद और इतिहासकार प्रोफ़ेसर शेखर पाठक की यह टिप्पणी डाउन टू अर्थ पत्रिका के अंग्रेजी संस्करण के अप्रैल अंक में छपे लेख राजू सजवान के एक लेख का हिस्सा है. उत्तराखंड में हो रहे पर... Read more
शराब से मोहब्बत, शराबी से घृणा?
इन दिनों उत्तराखंड के मिनी स्विट्जरलैंड कौसानी की शांत वादियां शराब की सरकारी दुकान खोलने न खोलने पर गरमाई हुई है. हैरत इस बात पर भी है कि कई ऐसे महानुभाव भी यहां शराब की दुकान खोलने को उचित... Read more
वीर गढ़ू सुम्याल और सती सरू कुमैण की गाथा
कहानी शुरू होती है बहुत पुराने जमाने से, जब रुद्र राउत मल्ली खिमसारी का थोकदार था और उसका चचेरा भाई ऊदी राउत तल्ली खिमसारी का. दोनों रुद्रपुर के पास रहते थे. एक दिन ऊदी अपने बड़े भाई रुद्र स... Read more
उधम सिंह नगर के तिलपुरी गांव की 32 साल की पैरा-एथलीट रेखा मेहता का सपना भारत का प्रतिनिधित्व करने का था लेकिन आर्थिक तंगी ने उनके इस सपने को लगभग छीन लिया था. प्रतिभा होने के बावजूद, उनके पा... Read more
चंद राजाओं का शासन : कुमाऊँ की अनोखी व्यवस्था
चंद राजाओं के समय कुमाऊँ का शासन बहुत व्यवस्थित माना जाता है. हर गाँव में एक पधान होता था, जिसके नीचे एक कोटाल काम करता था. कोटाल को पधान चुनता या हटा सकता था. यह पधान का सहायक था और लिखने क... Read more
हाल ही में म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने 2,000 से ज्यादा लोगों की जान ले ली. इस घटना ने न सिर्फ म्यांमार में तबाही मचाई बल्कि हिमालय क्षेत्र में मंडरा रहे भूकंपीय खतरों क... Read more
हरियाली के पर्याय चाय बागान
चंपावत उत्तराखंड का एक छोटा सा नगर जो पहले अल्मोड़ा जिले का हिस्सा था और 1972 में पिथौरागढ़ में शामिल हुआ। फिर 1997 में एक स्वतंत्र जिला बन गया। गोरल देव यहां के इष्ट देवता है इसलिए यह गोल्... Read more
हो हो होलक प्रिय की ढोलक : पावती कौन देगा
दिन गुजरा रातें बीतीं और दीर्घ समय अंतराल के बाद कागज काला कर मन को चटक बना, होठों पे मुस्कान भर देने वाले गुदगुदी सम्राट ने यक्ष प्रश्न पूछा “पावती कौन देगा” प्रिय ने भेजी है.(P... Read more


























