शऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है – 13
बसासत-बसासत विलेज स्टडी टूर के समय एटीआई में इतनी राजनीति हुई जितनी कि शायद सन सैंतालीस के बाद देश भर में नहीं हुई होगी. कारण एक ही था. विलेज टूर असल में अलग-अलग ग्रुप में जाना था और राजनीति... Read more
17 सितंबर 2018 से नैनीताल में नन्दा देवी मेले की शुरूआत हो गयी है. नन्दा देवी की मूर्तियों को बनाने के लिये केले के वृक्ष 15 तारीख को शहर में लाये गये और 16 को नन्दा—सुनन्दा की मूर्तियां बना... Read more
कोट भ्रामरी का नंदा मेला – एक फोटो निबंध – 3
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कोट भ्रामरी मंदिर परिसर में लगे विख्यात मेले से 16 सितम्बर 2018 की कुछ तस्वीरें जयमित्र सिंह बिष्ट के कैमरे से. (इस कड़ी के बाकी फोटो : कोट भ्रामरी का नंदा मेला... Read more
कोट भ्रामरी का नंदा मेला – एक फोटो निबंध – 2
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कोट भ्रामरी मंदिर परिसर में लगे विख्यात मेले से 16 सितम्बर 2018 की कुछ तस्वीरें जयमित्र सिंह बिष्ट के कैमरे से. (इस कड़ी के बाकी फोटो : कोट भ्रामरी का नंदा मेला... Read more
कोट भ्रामरी का नंदा मेला – एक फोटो निबंध – 1
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कोट भ्रामरी मंदिर परिसर में लगे विख्यात मेले से 16 सितम्बर 2018 की कुछ तस्वीरें जयमित्र सिंह बिष्ट के कैमरे से. (इस कड़ी के बाकी फोटो : कोट भ्रामरी का नंदा मेला... Read more
एक थे मोद्दा. बेतरतीब और उलझे हुए दाढ़ी-बाल, पोपला मुँह, फटे-पुराने जूते, जो कई बार अलग-अलग साइज और रंग के भी होते थे. तन पर दो-दो, चार-चार पैंट-कमीजें एक के ऊपर एक, हाथों में ढेर सारी पत्रि... Read more
क्या हमारे सपनों का उत्तराखण्ड बन पाया है
पृथक उत्तराखंड राज्य के लिए जब आन्दोलन चल रहा था, तब अक्सर हम कहा करते थे कि उत्तराखंड के लोग देश के तमाम उच्च पदों पर हैं. वे वैज्ञानिक हैं, अर्थशास्त्री हैं, समाज शास्त्री हैं, टॉप ब्यूरोक... Read more
आज है जानवरों के स्वास्थ्य से जुड़ा पर्व खतड़ुवा
खतड़ुवा उत्तराखंड में सदियों से मनाया जाने वाला एक पशुओं से संबंधित त्यौहार है. भादों मास के अंतिम दिन गाय की गोशाला को साफ किया जाता है उसमें हरी नरम घास न केवल बिछायी जाती है. पशुओ को... Read more
सदाबहार रेखा
वो सावन-भादों की फुहार हैं…उमराव जान की ताजा़ ग़ज़ल…ख़ूबसूरत की शोख़ी और हर उस फिल्म की जान जिसमें वे नज़र आईं. रेखा ने जैसे उन्हें अपने क़रीब से तो गुज़रने दिया…खु़द को छूने नहीं... Read more
क्या थी धर्म संसद, और यह गई कहां?
जिस स्विडनबॉर्जियन चर्च की पहल पर 11 सितम्बर 1893 को दुनिया की एकमात्र धर्म संसद आयोजित हुई थी, वह खुद तो कहीं बह-बिला गया लेकिन दक्षिण एशिया में उसके दो अवशेष लंबे समय तक अपना प्रभाव दिखाते... Read more


























