खटारा मारुति में पूना से बागेश्वर 2
(पिछ्ला हिस्सा: खटारा मारुति में पूना से बागेश्वर – 1) चौबे जी के ससुराल वाले मूल रूप से बागेश्वर के रहने वाले हैं और पूना में बस गए हैं. परिवार का अपना अच्छा कारोबार है. सीधे-सरल, खात... Read more
शेरदा अपनी जगह पर बने रहेंगे – अद्वितीय
पहली बार नैनीताल के एक शरदोत्सव में हुए कुमाऊंनी कवि सम्मलेन में शेरदा को कविता पढ़ते सुना. कुमाऊं के उस बेजोड़ शोमैन का मैं तुरंत दीवाना हो गया था. बीस-तीस और कविगण भी मंच पर शोभायमान थे और... Read more
पहाड़ से भी विकराल है पूँजीपतियों की हवस
इट्स ऑसम… वैदर इज़ सो कूल… सनशाइन फील्स सो गुड… झुलसाती गरमी में जेब में पैसे हों तो पहाड़ पहुँचकर आप भी ऐसा ही कुछ कहेंगे. पहाड़ कितने ख़बूसरत होते हैं पर्यटकों के लिए. उन... Read more
खंभे पर चढ़कर शुभकामनाएं देते भाई साहब
भाई साहब, त्योहारों से ऐन पहले सड़क किनारे के बिजली के ख़म्भों पर चढ़ जाते हैं. आप यह मत सोच लेना कि भाई साहब बिजली विभाग से हैं और लोगों की असुविधा को ध्यान में रखकर लाइनें दुरस्त करने के काम... Read more
माधुरी दीक्षित, नानाजी और पानी की बोतल का किस्सा
नानाजी किसी बीमा कम्पनी में लम्बी नौकरी कर बड़ी पोस्ट से रिटायर हुए थे. सगे नाना नहीं थे. किसी रिश्ते से माँ के चचा लगते थे. हमारे बचपन में जाड़ों के दिनों वे हमारे घर आते तो दो-दो, तीन-तीन मह... Read more
खटारा मारुति में पूना से बागेश्वर 1
यह 2007 की बात है. दिन-वार ठीक से याद नहीं. अक्टूबर का महीना था. उन दिनों रामलीला(एं) चल रही थीं. अल्मोड़ा से तीन जने दिल्ली के लिए रवाना हुए – बागेश्वर से केशव, अल्मोड़ा से रज्जन बाबू औ... Read more
उच्च शिक्षा का गिरता स्तर और हमारा उत्तराखंड
नितियों के निर्धारण, खास तौर से, आर्थिक और विकास से संबधित नीतिओं के निर्धारण के लिए अनुसन्धान के माध्यम से मिलने वाल्रे इनपुट्स काफी अहम् होते है. उच्च शिक्षा की गुणबत्ता नापने का सबसे बड़ा... Read more
महात्मा गांधी और कुमाऊं
आजादी के आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी कुमाऊं की यात्रा पर आने से लगभग 15 साल पहले ही 1915 – 16 में हरिद्वार और देहरादून आ चुके थे. तब स्थानीय लोगों ने गांधी जी को आर्य समाज में बोलते... Read more
गंगोत्री गर्ब्याल : उत्तराखण्ड की अथक समाजसेवी महिला उत्तराखण्ड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के धारचूला में साढ़े दस हजार फीट की ऊंचाई पर बसे गर्ब्यांग गांव की गंगोत्री गर्ब्याल शिक्षा के क... Read more
असमय राग जैजैवंती की मोहिनी तान
एक मनोरंजक कल्पना कीजिए, अगर महात्मा गांधी अहिंसा और सत्याग्रह का प्रवचन करते हुए अपने भक्त लठैतों (तब भी ऐसे भक्तों की कमीं नहीं थी जिनका गांधी के विचार से कोई लेना देना नहीं था बल्कि वे धो... Read more



























