कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 89
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
नये समय में नए अर्थ ग्रहण करते पुराने शब्द
टॉक्सिक (जहरीला) को ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी ने इस साल का अंतर्राष्ट्रीय शब्द चुना है. ऐसा नहीं है कि सबसे अधिक लोगों ने ऑक्सफोर्ड की साइट पर इस शब्द का मतलब जानने की कोशिश की और इसे छांट... Read more
गुलों में रंग भरे: जन्मदिन पर मेहदी हसन की याद
उस्तादों से लगी लगन तब न कविता की तमीज़ थी न संगीत समझने की. बीस-बाईस की उम्र थी और मीर तकी मीर का दीवान सिरहाने रख कर सोने का जुनून लग चुका था. उनके शेर याद हो जाया करते और सोते-जागते भीतर ग... Read more
नेपाल के रं गांव छांगरू की यात्रा
व्यांस घाटी में जाने और उसके सुंदर दृश्यों को कैमरे की नजर से देखने की इच्छा तो बहुत पहले से थी पर यह संभव हो पाया रं समुदाय की सालाना एजीएम के कारण जो 2016 में नेपाल के एक सुदूरवर्ती गांव छ... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 88
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
मृत्यु को मजाक बना देने में उस्ताद हैं हम
नदी किनारे एक बड़े पत्थर पर थका बैठा मैं इंतज़ार कर रहा था कि चिता किसी तरह आग पकड़ ले, जल जाए और झटपट किसी सही से अड्डे पर जाकर कुछ खा लूं. भूख से पेट ऐंठ रहा था. मैं बिना नाश्ता किये यह सुनत... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 87
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
चल उड़ जा रे पंछी
कहो देबी, कथा कहो – 29 पिछली कड़ी: कहो देबी, कथा कहो – 28, पंतनगर के सन्नाटे में धांय-धांय गोलीकांड क्या हुआ कि शांत पंतनगर की फ़िजा ही बदल गई. चारों ओर निराशा का माहौल दिखाई देता. गोलीकांड के... Read more
कत्यूरियों के समय का है रानीबाग का चित्रेश्वर मंदिर उत्तरायणी (Uttarayani) यानी मकर संक्रान्ति (Makar Sankranti) के दिन नैनीताल (Nainital) से 28 किमी. दूर स्थित रानीबाग (Ranibagh) नाम की जग... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 86
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more



























