पहाड़ और मेरा जीवन – 48 (पिछली क़िस्त: पुराने दोस्त पुरानी शराब से ज्यादा जायकेदार होते हैं) पुरानी चीजें सहेजकर रखना मुझे मुश्किल काम लगता है क्योंकि अव्वल तो पुरानी चीजें खुद ही खराब हो जा... Read more
एस.पी. बालासुब्रमण्यम : जिनकी आवाज़ पुराने चावल की खुशबू की तरह पूरे घर में फैल जाती है
आवाज़ बहुत भारी थी वो. बहुत ही भारी. तमाम आवाज़ों के बीच जगह बनाकर भीतर जम गई. यूं कि जैसे आलती-पालथी मारे बैठ ही गई हो. बहुत मशक्कत से उठाने से भी न उठे. खासकर उस कंठ के लिए जो बहुत कोमल से... Read more
नैनीताल जिले का मुक्तेश्वर कभी अपनी रामलीला को लेकर भी खासा जाना जाता था. आसपास के गांवों से लोग हाथ में मशाल लेकर रात की रामलीला देखने आते थे. सभी धर्मों के लोग इस रामलीला में प्रतिभाग करते... Read more
क्या आप जानते हैं डेंगू कितने प्रकार का होता है
हर साल की तरह इस साल भी उत्तर भारत में डेंगू का प्रकोप फ़ैल चुका है. उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में डेंगू के हज़ारों की संख्या में केस आ रहे हैं. डेंगू मादा एडीज मच्छर के काटने से होता है, इस... Read more
पितृ पक्ष में ईजा समेत परिवार की सभी मृत महिलाओं को याद करने का दिन है आज
हिन्दू धर्म के अनुसार इन दिनों पितृ पक्ष चल रहा है. सोलह दिनों के इस पितृ पक्ष में अपने मृत माता-पिता को याद किया जाता है जिसे श्राद्ध कहा जाता है. (Navami Sraddha) श्राद्ध वर्ष में दो बार ह... Read more
उत्तराखंड के जननायक शमशेर सिंह की पहली पुण्यतिथि पर आज राज्य भर में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. इसी कड़ी में शमशेर सिंह बिष्ट के गृहनगर अल्मोड़ा में भी एक शानदार कार्यक्रम आयोजित किया गया.... Read more
बड़े अच्छे लगते हैं : खास मौके पर आने वाले कल के बिछोह को लेकर रचा गया गीत
बड़े अच्छे लगते हैं, ये धरती, ये नदिया, ये रैनाऔर? और तुम... - २ओ माझी रे, जइयो पिया के देस हम तुम कितने पास हैं कितने दूर हैं चाँद सितारे सच पूछो तो मन को झूठे लगते हैं ये सारे - २मगर सच्... Read more
हमारी नियमित लेखिका गीता गैरोला ने आपको अनेक मनभावन कहानियां सुनाई हैं. हाल ही में हमने उनकी मशहूर किताब ‘मल्यो की डार’ के एक अध्याय को हरिद्वार में रहने वाली स्मिता कर्नाटक की आवाज़ में सुन... Read more
उत्तराखंड के जननायक शमशेर सिंह बिष्ट की पहली बरसी पर अल्मोड़ा में शमशेर स्मृति का आयोजन
कल उत्तराखंड के जननायक शमशेर सिंह बिष्ट की पहली बरसी है. पिछले बरस 22 सितम्बर के दिन उनका देहांत हुआ था. इस अवसर पर उनके सभी संगी साथियों और प्रशंसकों द्वारा अल्मोड़ा में शमशेर स्मृति कार्यक्... Read more
कैसे पुलिसवाले हो यार
‘सर’ कांस्टेबल राजेश ने एस ओ साब से धीरे से कान में कहा ‘वो दोनों भी तैयार नहीं हुए, भाग गए’ बड़े अधिकारी मौके पर थे इसलिए उनसे जबरदस्ती भी नहीं की जा सकी. वो एक किन्... Read more


























