ईजा (माँ) ये हाईस्कूल की मार्कशीट में लिखी जन्मतिथि तो बाज्यू/काक ज्यू (पापा/चाचा जी) एडमिशन के टाइम ऐसे ही लिखा आए थे लेकिन मेरी असल जन्मतिथि क्या है? ये एक ऐसा सवाल है जो 90 के दशक तक उत्त... Read more
25 दिसंबर 1998 को हल्द्वानी में जन्मी नेहा सोलंकी टीवी और सिनेमा की अभिनेत्री हैं जिन्होंने हाल ही में दक्षिण भारत की फिल्म ‘90 एमएल’ में मुख्य भूमिका निभाई है. हल्द्वानी के आम्रपाली इंस्टीट... Read more
चौफुलिया, गणानाथ का गोलू देवता मंदिर
गोलू या गोल्ल कुमाऊं का सबसे बड़ा लोकदेवता माना जाता है. उनके तमाम छोटे-बड़े मंदिर तमाम जगहों पर देखे जा सकते हैं. अभी हाल ही में हमने अल्मोड़ा के गणानाथ मंदिर के बारे में आपको बताया था. इस मंद... Read more
नैनीताल को कुदरत ने जिस खूबसूरती की नियामत से नवाजा है, उतने ही दिलचस्प एवं अजीबोगरीब यहां के बाशिन्दों को तरह-तरह के किरदार भी दिये. ये चरित्र और उनकी स्मृति केवल गुदगुदाते ही नहीं, कभी-कभी... Read more
काली कुमाऊं के जिमदार देवता अर्थात भूमिया की कथा
भूमि के देवता के रूप में जिमदार, भूमियाँ व क्षेत्रपाल, इन तीन नामों से पूजा जाता है. भूमिया जो भूमि का स्वामी, गाँव का रक्षक, पशुओं तथा खेती की देखभाल करने वाला ग्राम देवता है, इसी को कुछ लो... Read more
हर घर की डिब्बा कथा
दशहरे के बाद घर में कई-कई दिन चलने वाली सालाना सफाई बताती है कि मनुष्य मूलतः डिब्बाप्रेमी प्रजाति है. गोपन-अगोपन अलमारियों, दराजों, दुछत्तियों और खाने-तहखानों से डिब्बों का निकलना शुरू होता... Read more
हमारी नियमित लेखिका गीता गैरोला ने आपको अनेक मनभावन कहानियां सुनाई हैं. हाल ही में हमने उनकी मशहूर किताब ‘मल्यो की डार’ के एक अध्याय को हरिद्वार में रहने वाली स्मिता कर्नाटक की आवाज़ में सुन... Read more
कुमाऊँ के मनान गाँव के शैलेश उप्रेती हैं इस साल के नोबेल विजेता प्रोफ़ेसर के चहेते शिष्य
अल्मोड़ा से ताल्लुक रखने वाले अशोक उप्रेती ने अपनी फेसबुक वॉल पर कुछ देर पहले एक ऐसा समाचार शेयर किया है जिस से हर कुमाऊनी का मस्तक ऊंचा हुआ है. उनके बड़े भाई डॉ. शैलेश उप्रेती इस वर्ष रसायन व... Read more
माँ दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित नौ मंदिर हैं. पाताल देवी का मंदिर उन्हीं में से एक है. अल्मोड़ा से पांच-छः किलोमीटर दूर यह मंदिर ग्राम शैल में है. कोई 250 वर्ष पुराने इस मंदिर के आसपास एक ज़... Read more
दैव संयोग से ही बनते हैं, हल्द्वानी ऑनलाइन 2011 जैसे ग्रुप सोशल मीडिया का प्लेटफार्म अच्छाई के लिए कम ही जाना जाता है. प्लेटफार्म में मौजूद तमाम नकारात्मकता के बावजूद, हल्द्वानी ऑनलाइन 2011... Read more


























