100 साल पुराना है धनाई मिष्ठान भण्डार का इतिहास
अल्मोड़ा में खीम सिंह-मोहन सिंह की बालमिठाई, तो श्रीनगर में धनाईजी के पेड़ों का जबा़ब नहीं है. दशकों पहले हनुमान मंदिर में बूंदी का प्रसाद चढ़ाने वाले भक्तों की भीड़ यहां हर शाम दिखती थी. एक... Read more
जमरानी बाँध का अजब किस्सा
[पिछली क़िस्त: हल्द्वानी में नहरों का जाल बिछाया था हैनरी रामजे ने] कहा गया था कि जमरानी बाँध बनाने से तराई-भाबर ही नहीं पीलीभीत, रामपुर और बरेली तक के खेतों में हरियाली आएगी. वर्षा के अनिय... Read more
पहाड़ और मेरा जीवन- 54 (पिछली क़िस्त: उसकी पलकों का क्षितिज न मिला, फूल मेरी नफीस मुहब्बत का न खिला) पहाड़ और हरियाली एकदूसरे के पर्याय हैं. दो साल पहले जब उन्मुक्त गर्मियों में क्रिकेट खेलन... Read more
ग्रेजुएट ब्वारियों की चाहत बनाम पहाड़ से पलायन : उत्तराखण्ड स्थापना सप्ताह पर विशेष
उन्नीस साल के युवा उत्तराखण्ड को एक लाइलाज रोग लग गया है – पलायन का. इस रोग की गम्भीरता ऐसी है कि इसने यहाँ की अन्य बीमारियों (समस्याओं) को नजरअन्दाज कर दिया है. होता भी यही है. जब छोट... Read more
जॉन हेरॉल्ड एबट का बनवाया हुआ चर्च – डाक्टर डेथ यानि डाक्टर मॉरिस के खतरनाक प्रयोगों की दास्तान (Abbot Mount Haunted Remains of Raj) हिमालय की तराई से चलकर जब आप टनकपुर से शिवालिक पहाड... Read more
राज्य के सर्वश्रेष्ठ प्रधानाचार्यों में एक महावीर सिंह चौहान नहीं रहे – असामयिक निधन
देहरादून के सर्वाधिक छात्रसंख्या वाले सरकारी माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य का असामयिक निधन हो गया है. बात इतनी-सी ही नहीं है. बात ये है कि प्रदेश के वर्तमान में कार्यरत सर्वश्रेष्ठ प्रधा... Read more
कुमाऊं में चन्द शासन काल के कुछ महत्वपूर्ण विवरण
एटकिंसन के अनुसार डोटी कल्याण चन्द्र का शासनकाल सन् 1730-47 ई.तक माना जाता है. डोटी कल्याण चन्द्र का राज्याभिषेक 1730 में किया गया. 1747 ई. को अपने मृत्यु समय के अन्तिम मास में उसनें अपने अब... Read more
काफल ट्री की शुरुआत से ही उसके अन्तरंग साथी रहे अमित श्रीवास्तव के पहले उपन्यास ‘गहन है यह अन्धकारा’ का हाल ही में देश के एक प्रतिष्ठत प्रकाशन गृह से प्रकाशन हुआ है. पुलिस की कार... Read more
लोहाघाट का मडुवा और थल-मुवानी का लाल चावल : सब मिलने वाला हुआ भगत जी की चक्की में
नैनीताल रोड में एम. बी. कॉलेज के दाएं दुर्गा सिटी सेंटर से आगे जगदम्बा मंदिर में आप अक्सर हाथ जोड़ते होंगे. अब आगे बढ़ फिर सीधे हाथ जाते रहिए. एक तरफ नहर कवरिंग तो बाएं हाथ छोटी मंझली कई कई... Read more
मनु डफाली के नाम से काफल ट्री के पाठक परिचित हैं. आज मनु ने एक बेटे का अपने पिता के नाम ख़त भेजा है. पहाड़ से लाखों की संख्या में युवा मैदानी इलाकों में नौकरी के लिये जाते हैं जहां उनका मन मिन... Read more


























