उत्तराखंड के नैनीताल ज़िले में स्थित कैंची धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है. बाबा नीम करौली महाराज की इस पावन स्थली पर हर साल लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से आते हैं.... Read more
जादुई बकरी की कहानी
बहुत समय पहले की बात है. एक राज्य में एक राजा और उसकी रानी रहते थे. उनकी एक ही बेटी थी — माया त्सारेना. लेकिन कुछ ही समय बाद रानी की मृत्यु हो गई. राजा ने दूसरी शादी की, पर नई रानी तो असल मे... Read more
आपने अल्मोड़ा से आगे पिथौरागढ़ जाते हुए लखु उडियार का नाम तो सुना ही होगा, या शायद उस जगह से गुज़रे भी होंगे जहाँ सड़क के किनारे “संरक्षित स्मारक – लखु उडियार रॉक शेल्टर” लिखा है. इसे भारत स... Read more
आप कितना जानते हैं नैनीताल के भाबर की नदियों को
ब्रिटिश काल में तैयार किए गए गजेटियर स्थानीय भूगोल, इतिहास और संसाधनों का अद्भुत खजाना हैं. ये दस्तावेज उस जमाने की प्रशासनिक व्यवस्था और भौगोलिक समझ का प्रतिबिंब हैं. आज हम बात करेंगे... Read more
नगरूघाट मेला : यहाँ लगती है “मितज्यू” की अनूठी डोर
उत्तराखंड की मिट्टी में लोक परंपराओं की खुशबू रची-बसी है. हर पर्व, हर मेला यहाँ सिर्फ उत्सव नहीं होता, बल्कि सामाजिक एकता और मानवता का प्रतीक भी बन जाता है. ऐसी ही एक अद्भुत परंपरा का गवाह ह... Read more
उत्तराखंड का कुमाऊं अंचल अपनी अनूठी और प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाना जाता है. समय के साथ यहां के सामाजिक ताने-बाने और रीति-रिवाजों में कई बड़े बदलाव आए हैं. कुमाऊं के वैवाहिक इतिहा... Read more
उत्तराखंड राज्य में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत और पिथौरागढ़ जिलों में रहने वाले लोग कुमाऊनी कहलाते हैं. नैनीताल जिले के पर्वतीय हिस्सों में रहने वाले लोग भी इसी कुमाऊनी समाज का हिस्सा माने... Read more
कुमाऊं में प्रचलित महाभारत कथाओं पर शोध अलग-अलग समय और हिस्सों में हुआ है. अब तक डॉ. रामसिंह, पद्मादत्त पन्त और स्मृति शान्ति साह द्वारा कुमाऊं में प्रचलित महाभारत कथाओं पर काम किया गया है.... Read more
जनपद पिथौरागढ़ के मेले
लोक जीवन में मेलों का एक अलग स्थान है. मेले, कष्टसाध्य जीवन जीते पर्वतीय लोगों को अपने प्रियजनों, नाते-रिश्तेदारों और मित्रों आदि से मिलने का सुअवसर होते हैं. मेले, वर्षभर अपने खेतों और जंगल... Read more
पहाड़ की शादियां
उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की शादियां और वहां के रीति-रिवाज अपने आप में बहुत अनोखे हैं. समय के साथ शादियों के तौर-तरीकों में काफी बदलाव आया है. चलिए आज बात करते हैं कुमाऊं की पुरानी ‘... Read more


























