पिछली कड़ी : छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : तुझको पुकारे मेरा संसार… मिलम हिमनद से ‘गौरी’ यानी गोरी नदी निकलती है उसके दाईं ओर हिम से भरी उपत्यका पौराणिक सन्दर्भ में “जीवार”... Read more
सिद्धबली मंदिर की कहानी
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में कोटद्वार के पास एक नदी बहती है खोह. खोह के विषय में मान्यता है कि यह वही कौमुदी नद... Read more
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree इस वर्ष अधिकमास अथवा पुरूषोत्तम मास सावन के महीने में पड़ रहा है. सावन का महीना हर सनातनी के लिए शिवार्चन अथवा पार्थि... Read more
हर दिन हरेला जीने वाली पहाड़ की महिलाएं
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree आज हरेला है और पूरे उत्तराखंड में यह त्यौहार पूरे आनंद के साथ मनाया जाता है. घरों में हरेला बोया जाता है जो आज के दिन... Read more
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree पश्चिम के अनेक लेखकों ने कुमाऊं में रहने वाले लोगों के लिये जिस एक शब्द का खूब प्रयोग किया है वह है – अन्धविश्वासी. ह... Read more
धान पधान मडुआ राजा ग्यूं गुलाम
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree भारत सरकार की एक योजना है अन्न श्री. यह योजना मोटे अनाज की पैदावार को बढ़ावा देने से संबंधित है. मालूम हो की भारत, दु... Read more
कल हरेला है
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree मानो जैसे कल की ही बात होगी जब परदेश में पोस्टमैन अपने झोले से चिट्ठी निकाल कर देता. सरकारी मोहर के साथ लगे हल्के टीक... Read more
1987 में देश की राजधानी में छोलिया नृत्य – वीडियो
यह साल 1987 के फरवरी माह की 19 तारीख़ को रिकार्ड किया गया वीडियो है. यह वीडियो एक कुमाऊनी नाटक का हिस्सा है. नाटक का नाम था ऋतुरैण. ऋतुरैण नाटक का यह मंचन देश की राजधानी दिल्ली में हुआ था. आ... Read more
कूर्मांचल की साहित्यिक परम्परा
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree भारत की संस्कृति में हिमालय का महत्वपूर्ण स्थान है. कालिदास साहित्य में हिमालय देवताओं की आत्मा और सत्यं शिवम् सुंदरम... Read more
हरेला किस दिन बोया जाना है
उत्तराखंड के पहाड़ी समाज द्वारा मनाये जाने वाले लोकपर्वों में सबसे महत्वपूर्ण लोकपर्व में एक है हरेला. प्रकृति से जुड़ा यह लोकपर्व है साल में तीन बार मनाया जाता है. आने वाली 17 तारीख़ को इस... Read more


























