कुमाऊनी में सभी दीर्घ स्वरों के हृस्व रूप भी मिलते हैं. कहीं-कहीं यह हृस्वात्म्कता अर्थ्भेदक भी है. जैसे – (Main Characteristics of Kumaoni Language) आ'म = दादी,नानी आम = फल विशेषखे'ल... Read more
उन दिनों मेरे पिता टिहरी -गढ़वाल रियासत की राजधानी नरेन्द्रनगर के पास फकोट नामक स्थान पर तैनात थे. वहां एक राजकीय उद्यान था, पिता उसके अधीक्षक थे. उस उद्यान में सिर्फ सब्जियां उगाई जाती थीं.... Read more
भीमसिंह, नरसिंह और हरसिंह की कथा
1875 ईस्वी में एक रूसी भारतविद इवान पाव्लोविच मिनायेव अल्मोड़ा आया जहाँ वह तीन महीने रहा. इन तीन महीनों में उसने कुमाऊनी भाषा सीखी और स्थानीय लोगों से यहाँ की लोक कथाएं और दन्त-कथाएं सुनी. 1... Read more
हमारी नियमित लेखिका गीता गैरोला ने आपको अनेक मनभावन कहानियां सुनाई हैं. हाल ही में हमने उनकी मशहूर किताब ‘मल्यो की डार’ के एक अध्याय को हरिद्वार में रहने वाली स्मिता कर्नाटक की आवाज़ में सुन... Read more
शुरुआती जीवन नौटी गांव से दो किमी की दूरी पर बैनोली नाम का एक गांव है मेरा जन्म वहीं हुआ था. मेरी शिक्षा दीक्षा भी उसी गांव में हुई. मैंने आठ तक वहीँ पढ़ा. मेरे पिताजी (त्रिलोक सिंह र... Read more
आज काफल ट्री की वेबसाइट को शुरू किये 14 माह पूरे हुये हैं. वर्तमान में करीब पचास हजार पाठक काफल ट्री के फेसबुक से जुड़े हैं और छः हजार पाठक ने काफल ट्री के व्हाट्स एप्प ग्रुप की स्वतः सदस्यता... Read more
दो पैसे की धूप चार आने की बारिश
दो पैसे की धूप, चार आने की बारिश कि जैसे अठन्नी की कला और सोलह आना खुशी दीप्ति नवल अदाकारा हैं, कवि हैं, पेंटर हैं, उनके जीवन में संगीत भी है और वो फिल्म निर्देशक भी हैं. इन सबके के साथ आप अ... Read more
शिव को समर्पित रैसाड़ देवता का मंदिर
नई टिहरी से मात्र 6 किलोमीटर चंबा की तरफ बढ़ने पर एक कच्चा सा अनजान रास्ता ऊपर गॉंव की तरफ जाता है. इस रास्ते पर बमुश्किल 1 किलोमीटर की दूरी पर आपको एक भव्य मंदिर नजर आता है जिसे रैसाड़ देवत... Read more
अपने ही कलाकारों का तिरस्कार कर संस्कृति का कैसा महोत्सव मनाया जा रहा है अल्मोड़ा में
मैं ये बात अब कहना जरूरी समझता हूँ या अब चुप नहीं रहा जाता. कल ठीक इसी समय फ़ोन पर अपने दगड़ी से इस बात पर चर्चा हो रही थी कि एक महान लोकगायक की बेटी के लिए अपना इलाज कराना असंभव हो रखा है ह... Read more
[सीमांत जिला पिथौरागढ़ हमेशा से प्रतिभाओं का धनी रहा है. यहां के लोगों ने लगभग सभी क्षेत्रों में अपना नाम किया है लेकिन खेल एक ऐसा क्षेत्र जिसमें यहां के लोगों ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्या... Read more


























