समाज

हल्द्वानी से ताल्लुक रखती है सिनेमा की यह उभरती हुई अभिनेत्री

25 दिसंबर 1998 को हल्द्वानी में जन्मी नेहा सोलंकी टीवी और सिनेमा की अभिनेत्री हैं जिन्होंने हाल ही में दक्षिण भारत की फिल्म ‘90 एमएल’ में मुख्य भूमिका निभाई है. हल्द्वानी के आम्रपाली इंस्टीटयूट से होटल मैनेजमेंट में डिप्लोमा ले चुकी नेहा ने अपनी स्कूली पढ़ाई हल्द्वानी से ही की.

स्कूल के दिनों से ही वे अभिनय में दिलचस्पी रखती थीं और तमाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेती थीं. यह शौक उन्होंने कभी नहीं छोड़ा. पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अभिनय में अपना भाग्य आजमाने मुम्बई चली गईं.

मुम्बई में थोड़े बहुत परिश्रम के बाद उन्हें एक टीवी शो में काम करने का मौक़ा मिला. उनकी प्रतिभा और मासूम चेहरा इस में सहायक बना. जीटीवी पर 2017 में आये एक सीरियल ‘सेठ जी’ के साथ उन्होंने अपने टीवी एक्टिंग करियर का आगाज किया. इस के बाद उन्होंने एक और सीरियल ‘मायावी मलिंग’ में मुख्य किरदार निभाया. टीवी शोज में उसके बाद उन्हें नियमित काम मिलाने लगा. इसके अलावा वे मॉडलिंग भी करती हैं और फ्लिपकार्ट, पेपे जींस समेत अनेक विज्ञापनों में आ चुकी हैं.

इंटरनेट मूवी डाटाबेस में उनका परिचय खोजिये तो पता चलता है कि उन्होंने कुछ टीवी शोज में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर भी काम किया है.

ठोस कदमों से सिनेमा-टीवी के क्षेत्र में अपनी जगह बना रही नेहा अपनी जड़ों से किस कदर जुड़ी हैं इसकी बानगी उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स में देखी जा सकती है.

अपने ट्विटर अकाउंट में अपना परिचय देते हुए नेहा लिखती हैं: “मैं एक्टर/ मॉडल नेहा सोलंकी हूँ. माँ-पापा मेरी ताकत हैं. जय गोलज्यू देव.”

बहुत जल्द ही नेहा की साउथ इन्डियन फिल्म ’90 एम एल’ रिलीज होने वाली है. तेलुगू भाषा में बनी और शेखर रेड्डी द्वारा निर्देशित यह फिल्म अशोक रेड्डी द्वारा निर्मित है. संभावना है कि यह फिल्म दीपावली के दौरान रिलीज होने वाली है.

इस उभरती हुई अभिनेत्री को हम सब की अपार शुभकामनाएं.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…

46 minutes ago

हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता

कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…

1 day ago

पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया

बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…

1 day ago

कुमाऊँ की खड़ी होली

इन दिनों उत्तराखंड के कुमाऊँ में होली की धूम है. जगह-जगह खड़ी होली और बैठकी…

1 week ago

आधी सदी से आंदोलनरत उत्तराखंड का सबसे बड़ा गांव

बात उन दिनों की है, जब महात्मा गांधी जब देश भर में घूमकर और लिखकर…

2 weeks ago

फूल, तितली और बचपन

बचपन की दुनिया इस असल दुनिया से कई गुना खूबसूरत होती है. शायद इसलिए क्योंकि…

2 weeks ago