समाज

अल्मोड़ा के एक गाँव से बालीवुड की बुलंदियां तय करने वाले निर्मल पांडे के पांच यादगार किरदार

अल्मोड़ा के छोटे से गांव में पान बड़ैती में निर्मल पांडे का जन्म हुआ था निर्मल पांडे का. निर्मल पांडे जिनको बॉलीवुड आज भी नैनीताल का निर्मल नाम से बड़ी शिद्दत से याद करता है. अपनी अदाकारी के दम पर निर्मल की याद आज भी सभी के जह़न में है.
(Best Roles of Nirmal Pandey)

बैन्डिट क्वीन का विक्रम मल्लाह हो या दायरा फिल्म में कुदरत का करिश्मा, निर्मल पांडे ने हर किरदार को जीवंत कर दिया. उनकी पांच फिल्मों के पांच किरदार जिनके लिये उन्हें हमेशा याद रखा जायेगा :

दायरा

अमोल पालेकर द्वारा निर्देशित दायरा हिन्दी सिनेमा की सबसे जबरदस्त फिल्मों में गिनी जाती है. निर्मल पांडे ने इस फिल्म में एक किन्नर का किरदार निभाया है. फिल्म में उनकी अदाकारी के लिये उन्हें फ्रांस का प्रसिद्ध वालेंतिये पुरस्कार दिया गया. सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिये यह पुरस्कार पाने वाले निर्मल विश्व के पहले अभिनेता थे.

बैंडेट क्वीन

शेखर कपूर की बैंडेट क्वीन में निर्मल पांडे के हिस्से विक्रम मल्लाह का किरदार आया. फूलन देवी के जीवन पर आधारित इस फिल्म में विक्रम मल्लाह के किरदार को खूब सराहा गया. हिंदी सिनेमा जगत में निर्मल पांडे को इस फिल्म से नई पहचान मिली. 
(Best Roles of Nirmal Pandey)

ट्रेन टू पाकिस्तान

पामेला रुक्स द्वारा निर्देशित यह फिल्म खुशवंत सिंह के उपन्यास पर आधारित है. विभाजन पर आधारित इस फिल्म में निर्मल पांडे जग्गा उर्फ़ जगत सिंह के किरदार में नजर आये हैं. 

औजार

सोहेल खान द्वारा निर्देशित इस फिल्म में निर्मल पांडे मुख्य खलनायक बाबा की भूमिका में नज़र आये. बड़े स्टार कास्ट वाली इस फिल्म में निर्मल पांडे का किरदार लोगों ने खूब पसंद किया. 

इस रात की सुबह नहीं

सुधीर मिश्रा द्वारा निर्देशित इस फिल्म में निर्मल पांडे मुख्य भूमिका में थे. इस रात की सुबह नहीं एक थ्रीलर फिल्म है. हिंदी सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में गिनी जाने वाली इस फिल्म में निर्मल आदित्य की भूमिका में नजर आते हैं. 
(Best Roles of Nirmal Pandey)

–काफल ट्री डेस्क

Support Kafal Tree

.

इसे भी पढ़ें :

निर्मल पांडे : नैनीताल के परुवा डॉन से बालीवुड की बुलन्दियों तक

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

पिथौरागढ़ में स्विट्ज़रलैंड बनने की है पूरी क्षमता

इस बार करीब 9 साल बाद पिथौरागढ़ जाकर एक बात साफ दिखी कि यहां कुछ…

2 days ago

अलमोड़े में नंदादेवी मेले की ताज़ा तस्वीरें

आस्था और विश्वास की प्रतीक श्री नंदा देवी की भक्ति में इन दिनों पूरा उत्तराखंड…

5 days ago

अहा! कैसा होता था नंदादेवी कौतिक

उत्तराखण्ड के पहाड़ों में मेले केवल मनोरंजन के अवसर नहीं रहे हैं. वे लोकजीवन की…

5 days ago

सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन

पिछली कड़ी : बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की…

1 week ago

उत्तराखण्ड की महिलाएं : स्थितियों, संघर्षों और चुनौतियों का दस्तावेज

1970 के दशक का उत्तराखण्ड का ‘चिपको आंदोलन’ विश्वविख्यात है. यह तथ्य भी कमोबेश ज्ञात है कि…

1 week ago

कामिनी तुम कौन?

पानी बरस रहा है. जब भी पानी बरसता है, देखता हूं पेड़-पौधे बहुत खुश हो जाते…

1 week ago