एशियन गेम्स: 14वें दिन भारत को मिला 14वां गोल्ड

भारत के मुक्केबाज अमित पंघल ने पुरुषों की 49 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा का गोल्ड जीतने में सफल रहे हैं. राष्ट्रमंडल खेलों के सिल्वर पदक विजेता अमित ने फाइनल मुकाबले में रियो ओलम्पिक-2016 के गोल्ड मेडल विजेता उज्बेकिस्तान के हसनबॉय दुस्मतोव को 3-2 से मात दी. अमित ने ओलम्पिक स्वर्ण पदक विजेता के सामने डट कर खड़े रहे और बेहतरीन मुकाबला करते हुए गोल्ड जीत ले गए. दोनों के बीच बेहद रोचक मुकाबला हुआ. अमित ने पहले राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन किया और उज्बेकिस्तान के हसनबॉय दुस्मतोव पर खूब मुक्के बरसाए.

पहले राउंड में दोनों मुक्केबाजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली. पंघल ने हालांकि दूसरे राउंड में काफी तेजी दिखाई. वह लगातार विरोधी बॉक्सर पर हमले कर रहे थे. इस राउंड में भारतीय मुक्केबाज ने दस्मातोव को बैकफुट पर धकेल दिया. दस्मातोव के मुक्के लैंड नहीं हो रहे थे वहीं भारतीय मुक्केबाज के सटीक पंच लगाए. हरियाणा के रोहतक में जन्मे अमित ने पिछले साल एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था.

गौरतलब है कि दुस्मतोव 2016 रियो ओलिंपिक चैम्पियन रहे हैं. मेन्स बॉक्सिंग में भारत को 2010 के बाद पहली बार स्वर्ण पदक मिला है. 2010 में विजेंदर सिंह ने 75 किग्रा भार वर्ग और विकास कृष्ण ने 60 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण जीता था। अमित इस एशियाड के फाइनल तक पहुंचने वाले इकलौते भारतीय बॉक्सर रहे. अमित सेना में नायब सूबेदार के पद पर भी है.केन्द्रीय खेल मंत्री ने उन्हें  राज्यवर्धन सिंह ने ट्वीट कर बधाई दी.

भारत के खाते में अब तक 68 पदक आ चुके हैं, जो किसी एशियाड में भारत की सर्वाधिक पदक संख्या है. इससे पहले भारत ने 2010 के ग्वांग्झू एशियन गेम्स में 65 मेडल जीते थे. भारत ने 1951 में दिल्ली में खेले गए एशियाई खेलों में 15 स्वर्ण पदक अपने नाम किए थे. 18वें एशियाई खेलों में अब तक भारत के कुल पदकों की संख्या 68 है. 15 गोल्ड, 24 सिल्वर और 29 ब्रॉन्ज मेडल के साथ वह पदक तालिका में 8वें स्थान पर है.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

पिथौरागढ़ में स्विट्ज़रलैंड बनने की है पूरी क्षमता

इस बार करीब 9 साल बाद पिथौरागढ़ जाकर एक बात साफ दिखी कि यहां कुछ…

3 days ago

अलमोड़े में नंदादेवी मेले की ताज़ा तस्वीरें

आस्था और विश्वास की प्रतीक श्री नंदा देवी की भक्ति में इन दिनों पूरा उत्तराखंड…

7 days ago

अहा! कैसा होता था नंदादेवी कौतिक

उत्तराखण्ड के पहाड़ों में मेले केवल मनोरंजन के अवसर नहीं रहे हैं. वे लोकजीवन की…

7 days ago

सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन

पिछली कड़ी : बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की…

2 weeks ago

उत्तराखण्ड की महिलाएं : स्थितियों, संघर्षों और चुनौतियों का दस्तावेज

1970 के दशक का उत्तराखण्ड का ‘चिपको आंदोलन’ विश्वविख्यात है. यह तथ्य भी कमोबेश ज्ञात है कि…

2 weeks ago

कामिनी तुम कौन?

पानी बरस रहा है. जब भी पानी बरसता है, देखता हूं पेड़-पौधे बहुत खुश हो जाते…

2 weeks ago