बीते दिन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के तीन जन संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी. राजेश सेठी, मुलायम सिंह रावत और सत्यपाल सिंह को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जनसंपर्क अधिकारी नियुक्त किये जाने संबंधी आदेश जारी कर, कल ही इन्हें नियुक्त किया गया था.
(Uttarakhand CM PRO)
नियुक्ति के 24 घंटे भी नहीं हुये थे कि आज दोपहर फिर एक नया आदेश जारी किया गया. नए आदेश में कल नियुक्त तीनों जनसंपर्क अधिकारियों की छुट्टी कर दी गयी है. इस आदेश में कल नियुक्त तीनों जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) की तैनाती के आदेश को आज निरस्त करते हुये लिखा गया है कि-
मुख्यमंत्री कार्यालय में 03 जनसंपर्क अधिकारी के पद तैनाती के आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है.
इस आदेश के आने के बाद एकाएक चर्चाएं तेज हो गयी है. वर्तमान सरकार में यह घटना पहली बार नहीं हुई है. इससे पहले भी पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के कार्यकाल में मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी का पद चर्चा का कारन बना था.
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पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के समय भी वरिष्ठ पत्रकार दिनेश मानसेरा को मुख्यमंत्री का जनसंपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया लेकिन ज्वाइनिंग से पहले ही उन्हें हटा दिया गया. तब दिनेश मानसेरा की नियुक्ति रद्द करने का कारण केंद्र की ओर से आया दबाव बताया जा रहा था.
वर्तमान में नियुक्त तीनों जनसंपर्क अधिकारियों की नियुक्ति और 24 घंटे के भीतर उनकी बर्खास्तगी संबंधी फैसले को लेकर राज्य भर में चर्चा तेज हो गयी है. देखना यह यह कि इन नियुक्तियों के आदेश को 24 घंटे के भीतर रद्द करने के पीछे मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा क्या वजह बतायी जाती है. फिलहाल तो कई तरह के कयास ही लगाये जा रहे हैं. जो भी हो फिलहाल नए मुख्यमंत्री भी अपने ही आदेश लागू होने से पहले निरस्त करने की परम्परा का पालन करते दिख रहे हैं.
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