जड़ी-बूटियों का गढ़ है उत्तराखंड
रामायण भारतीय जनमानस के दिमाग में गहरे बैठी है. बच्चे से लेकर बूढ़े तक अक्सर इसके उद्धरण देकर जीवन के गहरे सूत्रों को सिखाते हैं, जैसे रावण का नहीं टिका तेरा घंमड कितने दिन टिकेगा. सबसे लोकप... Read more
काफल एक नोस्टाल्जिया का नाम है
गर्मियों में पहाड़ों के वन प्रांतर जंगली फलों और बेरियों से लद जाते हैं. हिसालू, किलमौड़ा और घिंघारू की झाड़ियाँ क्रमशः नारंगी, बैजनी और चटख लाल फलों से भर जाती हैं. यह अलग बात है कि उन्हें खान... Read more
भिटौई काफल और हिसालू
उत्तराखंड एक कृषिप्रधान राज्य है. उत्पादन की दृष्टि से भले यहां खेती बहुत कुछ न देती हो लेकिन राज्य की अधिकांश जनसंख्या का मुख्य व्यवसाय कृषि रहा है. इसी कारण यहां के तीज-त्यौहार-परम्परा फसल... Read more
हिसालू की जात बड़ी रिसालू
मई जून की गर्मियों में उत्तराखंड (Uttarakhand) के पहाड़ों में कंटीली झाड़ियों के बीच उगने वाला एक रसदार फल होता है जिसे हिसालू (Hisalu) कहते हैं. उत्तराखंड के आदि कवि गुमानी हिसालू की प्रसंशा... Read more
पहाड़ और मेरा जीवन – 20 (पोस्ट को लेखक सुन्दर चंद ठाकुर की आवाज में सुनने के लिये प्लेयर के लोड होने की प्रतीक्षा करें.) किसी का बचपन पहाड़ में गुजरा हो और वह यह कहे कि उसने कभी किलमोड... Read more
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