देवता भी चले गए लेकिन गुरु ने गांव नहीं छोड़ा
आज रेवती का श्राद्ध है. हीरा गुरु दरवाजे पर बैठकर पूरन और भास्कर दत्त जी का इंतजार करते हुए बहुत देर से सामने डांड़े को ताक रहे थे. घर के आगे सीढ़ीनुमा बंजर खेत बहुत गहराई तक फैले हैं. डांड़... Read more
शैलेश मटियानी की एक अमर कहानी
पापमुक्ति – –शैलेश मटियानी Paap Mukti Story Shailesh Matiyani घी-संक्रांति के त्यौहार में अब सिर्फ दो ही दिन शेष रह गए हैं और त्यौहार निबटते ही ललिता अपने घर, यानी अपनी बड़ी दीदी... Read more
शेखर जोशी की कालजयी कहानी ‘दाज्यू’
दाज्यू -शेखर जोशी चैक से निकलकर बाईं ओर जो बड़े साइनबोर्ड वाला छोटा कैफे है वहीं जगदीश बाबू ने उसे पहली बार देखा था. गोरा-चिट्टा रंग, नीला श़फ्फ़ाफ़ आँखें, सुनहरे बाल और चाल में एक अनोखी मस्... Read more
बलि का बकरा – देवेन मेवाड़ी की कहानी
कहानी की कहानी उर्फ़ बकरा बलि का ईजा (मां) बीमार थी. उसका बहुत मन था कि देबी खूब पढ़े हालांकि वह कभी स्कूल नहीं गई थी. उसने प्रकृति की किताब पढ़ी थी और मुझे अपनी भाषा में पेड़-पौधों और प्राणि... Read more
दाड़िम के फूल – इस कहानी की एक कहानी है
मेरी कहानी ‘दाड़िम के फूल’ की भी एक मजेदार कहानी है. आनंद तब आए जब इससे पहले मेरे दोस्त बटरोही की कहानी ‘बुरांश का फूल’ पाठकों को पठने को मिले. तब यानी सन् 60 के दशक में हम नैनीताल के डीएसबी... Read more
अल्मोड़ा के समीप एकांत सिन्तोला में रहने वाले एक वृद्ध एंग्लो-इन्डियन जोड़े को परिवेश बनाकर लिखी गयी शैलेश मटियानी (Shailesh Matiyani) की कहानी ‘मिसेज ग्रीनवुड’ मानवीय संबंधों, एका... Read more
हिन्दी के मूर्धन्य कथाकार-उपन्यासकार शैलेश मटियानी (Shailesh Matiyani) अल्मोड़ा जिले के बाड़ेछीना में 14 अक्टूबर 1931 को जन्मे थे. सतत संघर्ष से भरा उनका प्रेरक जीवन भैंसियाछाना, अल्मोड़ा, इल... Read more
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