वीरेन डंगवाल का स्मारक बनेगा बरेली में
साहित्य अकादेमी सम्मान से पुरुस्कृत विख्यात हिन्दी कवि वीरेन डंगवाल (Viren Dangwal) की स्मृति में शीघ्र ही बरेली में एक स्मारक निर्मित किया जाएगा. इस आशय की सूचना देते हुए वीरेन डंगवाल के बड़... Read more
किसने आख़िर ऐसा समाज रच डाला है
हमारा समाज -वीरेन डंगवाल यह कौन नहीं चाहेगा उसको मिले प्यार यह कौन नहीं चाहेगा भोजन वस्त्र मिले यह कौन न सोचेगा हो छत सर के ऊपर बीमार पड़ें तो हो इलाज थोड़ा ढब से बेटे-बेटी को मिले ठिकाना द... Read more
इतने भले नहीं बन जाना साथी
वीरेन डंगवाल (Viren Dangwal) हिन्दी के आधुनिक कवियों की सूची में ऊंचा स्थान रखते हैं. वीरेन डंगवाल (5 August 1947 -27 September 2015) की रचनाओं में गहरी जनपक्षधरता, समाज की गहरी समझ और भाषा-... Read more
पहाड़ी फौजी की कथा मारफ़त छप्पन ए. पी. ओ.
फ़ौज की मुश्किल नौकरी से छुट्टियों के लिए पहाड़ के घर लौट रहे एक मामूली सिपाही से अपनी कविता ‘रामसिंह’ में वीरेन डंगवाल इस तरह मुखातिब होते हैं: ठीक है अब ज़रा ऑंखें बन्द करो रामसि... Read more
नैनीताल में दीवाली: वीरेन डंगवाल
नैनीताल में दीवाली ताल के ह्रदय बले दीप के प्रतिबिम्ब अतिशीतल जैसे भाषा में दिपते हैं अर्थ और अभिप्राय और आशय जैसे राग का मोह तड़ तडाक तड़ पड़ तड़ तिनक भूम छूटती है लड़ी एक सामने पहाड़ पर बच... Read more
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